बाजार बंदी से 75 करोड़ रुपये की बिक्री प्रभावित
टैक्स मद में 7.50 करोड़ रुपये की क्षति का अनुमान
दिल्ली रैली में जाने को रवाना हुए व्यापारियों के जत्थे
दो लाख रुपये और इससे अधिक मूल्य के सोने-चांदी के आभूषणों की खरीद पर पैन कार्ड की अनिवार्यता और एक्साइज टैक्स लगाए जाने के विरोध में सराफा मार्केट की बाजार बंदी को 15 दिन पूरे हो गए। इस अवधि में सराफा कारोबारियों समेत सरकार को टैक्स मद में करोड़ों का नुकसान होने का अनुमान है। इसके बावजूद हड़ताल को लेकर उत्साहित सराफा व्यापारियों के जत्थे दिल्ली रैली में शामिल होने के लिए बुधवार को रवाना हो गए।
शहर की तीनों सराफा यूनियनों से लगभग 400 प्रतिष्ठान जुड़े हैं। देहात क्षेत्र को मिलाकर आभूषण प्रतिष्ठानों की संख्या करीब 2500 है। सराफा व्यवसाइयों के अनुसार जिले में रोजाना लगभग पांच करोड़ रुपये के आभूषणों की खरीद होती है। इसके एवज में व्यापारी आयकर और वाणिज्य कर मद में प्रतिदिन औसतन 50 लाख रुपये का टैक्स अदा करते हैं। सराफा यूनियनों के पदाधिकारियों का कहना है कि सरकार अपने अड़ियल रुख से न सिर्फ खुद का नुकसान कर रही है, सराफा व्यापार को चौपट करने पर आमादा है।
मांगों को लेकर बृहस्पतिवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली रैली में रवाना होने से पहले सदर सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष मुन्ना लाल चंदेल ने कहा कि अपना अस्तित्व बचाए रखने के लिए सराफा कारोबारी हर नुकसान सहने को तत्पर हैं। उधर, चौक सराफा यूनियन के अध्यक्ष जवाहर लाल रस्तोगी ने कहा कि सरकार की मनमानी से कारोबारी नुकसान सहने की आदत पड़ चुकी है।
सदर सराफा यूनियन के महामंत्री विनोद सराफ ने कहा कि दिल्ली की रैली में आगे की जो भी रणनीति बनेगी, उसका जिले के कारोबारी पालन करेंगे। उन्होंने बताया कि शहर से तीन बसों समेत विभिन्न वाहनों से लगभग चार सौ सराफ दिल्ली जा रहे हैं। व्यापारियों के जत्थों का नेतृत्व विभिन्न इकाइयों से जुड़े पंकज वर्मा सराफ, राजीव खन्ना, सुरेंद्र सिंह सेठ, जितेंद्र रस्तोगी आदि पदाधिकारी कर रहे हैं।