विधानसभा चुनाव 2017 के लिए बसपा का फोकस पुनरीक्षित हो रही वोटर लिस्ट पर है। बसपा का मानना है कि सपा और दूसरी विरोधी पार्टियों के लोग बसपा के पक्के वोटरों का नाम सूची में जुड़ने से रोकने के लिए हर हथकंडे अपना रहे हैं। शाहजहांपुर जिले में पार्टी कार्यकर्ताओं की ओर से कुल 53 हजार से कुछ अधिक नए नाम जोड़ने के लिए आवेदन जमा कराए थे। मगर नई सूची में जिले के कुल 18910 वोटर ही जुड़ पाए, जिनमें करीब एक तिहाई ही बसपा के लोग होंगे। अन्य आवेदन अस्वीकृत होने का कारण भी पता नहीं चला तो अब पार्टी अपने पात्र वोटरों का नाम सूचीबद्ध कराने के लिए सीधे राज्य और केंद्रीय निर्वाचन आयोग से संपर्क करेगी। मंगलवार को शहर के ताजू खेल मोहल्ला स्थित एक मैरिज लॉन में राष्ट्रीय महासचिव नसीमुद्दीन सिद्दीकी की अध्यक्षता में आयोजित सांगठनिक समीक्षा बैठक में यह तय हुआ।
बीती 25 जनवरी तक 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके अपने वोटरों की सूची तैयार कर और आवेदन संबंधी दस्तावेज की औपचारिकताएं पूरी कर केंद्रीय, राज्य और जिला निर्वाचन अधिकारी को दी जाएगी। राष्ट्रीय महासचिव ने कार्यकर्ताओं को अधिकाधिक समय गांवों में देने के साथ ही बूथों पर अपनी पकड़ मजबूत करने को कहा है। उन्होंने फार्मूला दिया कि बसपा में बूथ अध्यक्ष ही जिलाध्यक्ष के बराबर होता है। पदाधिकारियों और निचले स्तर पर संगठन की जिम्मेदारी पाए लोगों से उन्होंने दो से 31 जनवरी तक किए गए कामों का ब्योरा लिया। सुश्री मायावती के शासनकाल की कल्याणकारी योजनाओं को जनता के बीच ले जाने और सपा सरकार के कार्यकाल में चरमराई कानून व्यवस्था से तंग जनता से जुड़ने को कहा। बैठक को बरेली-मुरादाबाद जोनल कोआर्डिनेटर गिरीश जाटव और ब्रह्मस्वरूप सागर और जिलाध्यक्ष उदयवीर सिंह ने संबोधित किया। संचालन जिला महासचिव महेश सागर ने किया। बैठक में जोन कोआर्डिनेटर दिनेश कुमार, नरेंद्र रासगर और राममूर्ति लाल, मंडल कोआर्डिनेटर खेमकरन लाल गौतम, रामलड़ैते कनौजिया और जदुवीर गौतम, विधायक नीरज मौर्य, ददरौल से प्रत्याशी मानवेंद्र सिंह, पुवायां से प्रत्याशी पूर्व एडीजी गुरवचनलाल, जिला पंचायत सदस्य राजेश कश्यप आदि मौजूद थे।