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बीएसए कार्यालय में शिक्षामित्रों का हंगामा

Wed, 06 May 2015 11:18 PM IST
शाहजहांपुर।
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जिले में रिक्त 310 शिक्षक पदों पर शिक्षामित्रों की नियुक्ति को लेकर चल रही उठापटक बुधवार को उग्र हो गई। शिक्षामित्र संगठन की एक महिला पदाधिकारी के इशारे पर हुई कार्यवाही से शिक्षामित्र भड़क गए। उन्होंने बीएसए कार्यालय में नारेबाजी कर जमकर हंगामा किया। तमाम महिलाएं गोद में बच्चों को लिए गर्मी में भूख-प्यास से जूझती रहीं, वहीं कुछ महिला शिक्षामित्र बीएसए के चैंबर में वार्ता के बहाने एसी का मजा लेती रहीं। इस बीच कई महिला शिक्षामित्रों की इस बात को लेकर बीएसए से तीखी नोकझोंक भी हुई। बाद में एक महिला शिक्षामित्र को संगठन विरोधी गतिविधियों में लिप्त रहने के आरोप में छह वर्ष के लिए बर्खास्त कर दिया गया है।
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बता दें कि जिले में लगभग 2147 शिक्षामित्रों को शिक्षक बनाने के लिए काउंसिलिंग हो चुकी है, लेकिन इसके सापेक्ष मात्र 310 पद ही वर्तमान में रिक्त हैं, जिन पर नियुक्ति के लिए बीएसए राजेश कुमार वर्मा ने सोमवार को विज्ञप्ति निकालकर शिक्षामित्रों को वरीयता क्रम में बुधवार को डायट में काउंसिलिंग के लिए बुलाया था। यह निर्णय आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन महिला प्रकोष्ठ की जिला प्रभारी पूजा सिंह को रास नहीं आया। उन्होंने मंगलवार को अन्य शिक्षामित्रों को बरगलाते हुए बीएसए कार्यालय में धरना देकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। उनकी मांग थी कि काउंसिलिंग करा चुके सभी 2147 शिक्षामित्रों को एक साथ नियुक्ति पत्र निर्गत किए जाएं।
बीएसए ने पूजा सिंह की मांग पर गौर फरमाते हुए आनन-फानन में अग्रिम आदेशों तक 310 शिक्षामित्रों की नियुक्ति प्रक्रिया स्थगित करने की विज्ञप्ति जारी कर दी। यह आदेश जारी होते ही शिक्षामित्र भड़क उठे और उन्होंने सुबह से ही बीएसए कार्यालय में डेरा डाल दिया। अपनी चाल उल्टी पड़ते देख बीएसए ने प्राथमिक शिक्षामित्र संघ और आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्षों तथा इसी संगठन की महिला प्रकोष्ठ की जिला प्रभारी पूजा सिंह को अपने कार्यालय में बुला लिया, ताकि आंदोलनरत शिक्षामित्रों को समझाया जा सके।
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खास बात यह थी कि दोनों संगठन पूजा सिंह के रवैये से क्षुब्ध दिखे, लेकिन बीएसए उन्हें अपने चैंबर में बैठाए आंदोलनकारियों को समझाने के लिए कहते रहे। स्थिति बिगड़ते देख बीएसए ने तीन बार बाहर आकर शिक्षामित्रों को समझाने की कोशिश की, लेकिन शिक्षामित्र काउंसिलिंग और नियुक्ति पत्र लेकर ही हटने की मांग पर डटे रहे। इस बीच डायट प्राचार्य गजराज सिंह यादव और थाना सदर बाजार प्रभारी जेपी तिवारी पुलिसबल के साथ मौके पर पहुंच गए।

आज काउंसिलिंग के लिए फिर बुलाया
बीएसए ने वरीयता क्रम में चिंहित किए गए 310 शिक्षामित्रों की काउंसिलिंग के लिए उन्हें बृहस्पतिवार को सुबह 10 बजे डायट में उपस्थित होने को कहा गया है। इस संबंध में विज्ञप्ति भी जारी कर दी गई है।

मामला सभी के सहयोग से हल कराना था मकसद
बीएसए का कहना है कि एक संगठन ने धरना-प्रदर्शन कर सभी नियुक्तियां एक साथ कराने की मांग की थी। लॉ एंड आर्डर बरकरार रखने के लिए उन्हें नियुक्ति प्रक्रिया स्थगित करनी पड़ी। अचानक उठी मांग के कारण ही उन्होंने 310 शिक्षामित्रों की काउंसिलिंग स्थगित की थी। उन्होंने सभी संगठनों से बात कर सही हल निकालने का प्रयास किया था। अब उन्होंने बृहस्पतिवार को काउंसिलिंग के लिए चिन्हित शिक्षामित्रों को डायट में बुलाया है। वह किसी के साथ अन्याय नहीं होने देंगे।  

काउंसिलिंग स्थगित करना बीएसए की गलती
प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के जिलाध्यक्ष रत्नाकर दीक्षित का कहना है कि 310 शिक्षामित्रों की नियुक्ति काउंसिलिंग स्थगित करने का निर्णय बीएसए का बिल्कुल गलत था। उनके संघ ने हमेशा शासनादेश के अनुसार ही काम करने की मांग उठाई है। इस संबंध में जारी हुए शासनादेश में स्पष्ट है कि रिक्त पदों के सापेक्ष ही नियुक्तियां की जाएं। फिर बीएसए को एक महिला शिक्षामित्र की जिद पूरी करने के लिए काउंसिलिंग स्थगित नहीं करनी चाहिए थी। जिनकी नियुक्तियां हो रही हैं, वह शिक्षामित्र भी तो हमारे ही परिवार के अंग हैं। फिर उनका विरोध क्यों रहा।

पूजा सिंह छह साल के लिए बर्खास्त
आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष यदवीर सिंह यादव अपने ही संगठन की महिला प्रकोष्ठ की जिला प्रभारी पूजा सिंह से काफी आहत हैं। उनका कहना है कि पूजा ने उनको विश्वास में लिए बिना ही तथाकथित संगठन के बहकावे में आकर ओछी मानसिकता का परिचय देते हुए धरना-प्रदर्शन किया और 310 शिक्षामित्रों की नियुक्तियों में रोड़ा अटकाकर संगठन को शर्मसार किया। इसकी सूचना प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र शाही को दे दी गई है। उन्हीं संस्तुति पर तत्काल प्रभाव से पूजा सिंह को संगठन के पद और प्राथमिक सदस्यता से छह वर्ष के लिए बर्खास्त कर दिया गया है। यादव ने बताया कि पूजा सिंह पर मनमाने तौर पर काम करने के आरोप पहले भी लगते रहे हैं। बीएसए का स्थगन आदेश बिल्कुल गलत था। एहसास होने पर ही उन्होंने गलती सुधारी।

बीएसए कार्यालय में ही कई बार भिड़ीं शिक्षामित्र
बीएसए कार्यालय में वार्ता के लिए बुलाए गए शिक्षामित्रों में शामिल पूजा सिंह की महिला शिक्षामित्र संतोष शुक्ला से कई बार नोकझोंक हुई। पूजा सिंह की दबंगई के आगे बीएसए भी असहाय ही नजर आते दिखाई दिए।

बीएसए कार्यालय में डाला डेरा
शिक्षामित्र धर्मेंद सिंह, वंशीधर मिश्र, वीरेश सिंह, प्रभु नारायन, रघुवीर प्रताप, रंजीत, संजीव सिंह, बाबूराम, नंद किशोर आदि शिक्षामित्रों ने बीएसए कार्यालय में ही डेरा डाल रखा है। उनका कहना है कि अब वह नियुक्ति पत्र लेकर ही घर जाएंगे। धर्मेंद्र सिंह ने महिला शिक्षामित्रों को घर भेज दिया है। बोले, रात में भी वह कार्यालय में ही रहेंगे।

पूजा ने तीन लोगों के खिलाफ दी तहरीर
शाहजहांपुर। आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन की जिला प्रभारी पूजा सिंह ने तीन लोगों के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए थाना सदर बाजार में तहरीर दी है। इसमें कहा गया है कि पूजा सिंह बुधवार को दोपहर एक बजकर 40 मिनट पर बीएसए के बुलावे पर उनके दफ्तर पहुंची थीं। जब वह वहां पहुंचीं तो सैकड़ों शिक्षामित्र और शिक्षक मौजूद थे। तीनों आरोपी भी वहीं थे। आरोप है कि बीएसए से वार्ता के दौरान तीनों लोगों ने शिक्षामित्रों को भड़काते हुए पूजा को जान से मारने की धमकी दी। जैसे-तैसे उन्होंने अपनी जान बचाई।
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