शाहजहांपुर। दहेज कम लाने और संतान न होने पर जेठ और जेठानी ने महिला को केरोसिन डालकर जला दिया। जिला अस्पताल में उसकी मौत हो गई। अदालत ने जेठ-जेठानी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
सीतापुर के थाना इमलिया क्षेत्र के गांव वडिया के रहने वाले सत्यम कुमार ने छह जनवरी 2019 को तिलहर थाने की पुलिस को तहरीर देकर बताया कि उसने बहन अनीता भारती की शादी छह वर्ष पूर्व तिलहर के गांव हिसमाह के रहने वाले विनोद से की थी। बहन के ससुराल वाले दहेज में कम सामान मिलने और बच्चे न होने के कारण आए दिए उसे मारते-पीटते थे। उसे खाना भी नहीं देते थे। उसे घर से निकाल देते थे।
बहन पर दबाव बनाते थे कि वह विनोद को दूसरी शादी करने के लिए रजामंदी दे दे। अनीता इसका विरोध करती थी। इस पर ससुराल के लोग बहन को जलाकर मार देने की धमकी देते थे और दूसरी शादी की बात कहते थे। 31 दिसंबर 2018 को दिन में लगभग 12 बजे बहनोई विनोद ने अनीता के साथ मारपीट की और कहा कि उसे जलाकर या गोली मारकर जान से मार देंगे।
आरोप लगाया कि बहन के जेठ जयवीर, उसकी पत्नी इंद्रकला और विनोद ने उस पर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा दी। इससे वह बुरी तरह से जल गई। गांव वालों ने एंबुलेंस से अनीता को जिला अस्पताल भिजवाया। यहां पर उसके मृत्यु पूर्व बयान दर्ज किए गए। इलाज के दौरान दो जनवरी 2019 को उसकी मौत हो गई।
पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू की। अदालत में मुकदमा चलने के दौरान गवाहों के बयानात और साक्ष्यों के आधार पर अपर सत्र न्यायाधीश अभय प्रताप सिंह-प्रथम ने जेठ और जेठानी जयवीर और उसकी पत्नी इंद्रकला को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।