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शाहजहांपुर में दर्दनाक हादसा: बहगुल नदी में नहाते समय भाई-बहन की डूबने से मौत, शव देखकर बेहोश हुए माता-पिता

Mon, 15 Jun 2026 01:05 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहांपुर

सार

शाहजहांपुर के जैतीपुर थाना क्षेत्र में रविवार को दर्दनाक हादसा हुआ।  बहगुल नदी में नहाए गए भाई-बहन की डूबकर मौत हो गई। घटना से उनके परिवार में कोहराम मच गया। 
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विजय और किंजल का फाइल फोटो - फोटो : संवाद
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विस्तार
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शाहजहांपुर के जैतीपुर थाना क्षेत्र के कुलुआबोझ गांव स्थित बहगुल नदी में रविवार को नहाने के दौरान डूबने से भाई-बहन की मौत हो गई। विजय (14 वर्ष) व  किंजल (9 वर्ष) मौसी की बेटी के जन्मदिन में शामिल होने आए थे। 

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गढ़िया रंगीन थाना क्षेत्र के डभौरा  निवासी अमर सिंह उर्फ कल्लू दोनों बच्चों व पत्नी को लेकर कुलुआबोझ आए थे। उनके साढू अमर सिंह उर्फ भूरे की तीन वर्षीय बेटी वंशिका का शनिवार को जन्मदिन था। रविवार को अमर सिंह उर्फ कल्लू पत्नी के साथ  रघुनाथपुर गौटिया गांव स्थित ससुराल  गए थे। एक बजे विजय व किंजल गांव के बच्चों के साथ 500 मीटर दूर बहगुल नदी में नहाने चले गए। 

गहराई में जाने से भाई-बहन डूबने लगे तो अन्य बच्चों ने शोर मचाया। उसके बाद गांव में पहुंचकर सूचना दी। एक घंटे की मशक्कत के बाद दोनों को नदी से निकाला गया। अस्पताल में चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस बीच वहां पहुंचे माता-पिता बच्चों के शवों को देखकर बेहोश हो गए। ग्रामीणों ने दोनों को संभाला।

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बेटे-बेटी के शव को देखकर बिलख पड़ी मां
गढ़िया रंगीन के डभौरा गांव निवासी अमर सिंह उर्फ कल्लू दो दिन पहले ही दिल्ली से लौटकर आए थे तो बेटी किंजल और बेटा विजय काफी खुश थे। पिता के साथ ही दोनों दावत में शामिल होने गए थे। नदी में डूबने से बेटा-बेटी की मौत होने पर दंपती बिलख पड़े। मां फूलनदेवी बोलीं कि मेरे जिगर के टुकड़े चले गए।
 
अमर सिंह दिल्ली में गार्ड हैं। उनकी पत्नी फूलनदेवी परिवार के साथ गांव में रहती हैं। परदेस से पिता के लौटने पर सभी बच्चे खुश थे। इस बीच जन्मदिन का दावत का न्योता आया तो दंपती ने ससुराल जाने की योजना बना ली। दावत में जाने के कारण बच्चों ने नानी के घर जाने से इन्कार कर दिया। 

जिसके बाद अमर सिंह और फूलनदेवी चले गए। बेटे और बेटी की मौत की सूचना मिलने के बाद दोनों तुरंत ही नदी के किनारे पहुंचे। उनके नहीं मिलने पर बेचैनी बढ़ गई। शव मिलने पर वह दंपती बिलख पड़े। सबसे ज्यादा फूलनदेवी रो रहीं थी। 

परिजनों के अनुसार, विजय चार भाई-बहनों में तीसरे नंबर का था। विजय कक्षा आठ व किंजल कक्षा छह में थी। बड़े भाई अजय व बहन शीतल भी बदहवास हो गए।
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