बेटे-बेटी के शव को देखकर बिलख पड़ी मां
गढ़िया रंगीन के डभौरा गांव निवासी अमर सिंह उर्फ कल्लू दो दिन पहले ही दिल्ली से लौटकर आए थे तो बेटी किंजल और बेटा विजय काफी खुश थे। पिता के साथ ही दोनों दावत में शामिल होने गए थे। नदी में डूबने से बेटा-बेटी की मौत होने पर दंपती बिलख पड़े। मां फूलनदेवी बोलीं कि मेरे जिगर के टुकड़े चले गए।
अमर सिंह दिल्ली में गार्ड हैं। उनकी पत्नी फूलनदेवी परिवार के साथ गांव में रहती हैं। परदेस से पिता के लौटने पर सभी बच्चे खुश थे। इस बीच जन्मदिन का दावत का न्योता आया तो दंपती ने ससुराल जाने की योजना बना ली। दावत में जाने के कारण बच्चों ने नानी के घर जाने से इन्कार कर दिया।
जिसके बाद अमर सिंह और फूलनदेवी चले गए। बेटे और बेटी की मौत की सूचना मिलने के बाद दोनों तुरंत ही नदी के किनारे पहुंचे। उनके नहीं मिलने पर बेचैनी बढ़ गई। शव मिलने पर वह दंपती बिलख पड़े। सबसे ज्यादा फूलनदेवी रो रहीं थी।
परिजनों के अनुसार, विजय चार भाई-बहनों में तीसरे नंबर का था। विजय कक्षा आठ व किंजल कक्षा छह में थी। बड़े भाई अजय व बहन शीतल भी बदहवास हो गए।