फर्जी ब्रिगेडियर संग रहने में गर्व महसूस कर रहे थे बाउंसर
भाड़े पर लिए गए बाउंसर शशांक और मोहसिन फर्जी ब्रिगेडियर के साथ रहने पर गर्व महसूस कर रहे थे, लेकिन शुक्रवार की सुबह जब झूठ की कलई खुली तो दोनों दंग रह गए। बोले-हमारी कोई गलती नहीं। हम तो कंपनी के जरिये भाड़े पर जाते हैं। बरेली से आई इंटेलीजेंस टीम ने दोनों बाउंसर और कार चालक जगवीर से भी पूछताछ की और फिर दोनों को हिदायत देकर छोड़ दिया था।