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Shahjahanpur News: फर्जी ब्रिगेडियर का आईकार्ड बनाने वाले का पता लगाएगी पुलिस, आरोपी आर्यन भेजा गया जेल

Sun, 14 Jun 2026 12:50 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहांपुर

सार

शाहजहांपुर में फर्जी ब्रिगेडियर आर्यन वर्मा को शनिवार को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया। पुलिस ने उसे चौदह दिन की न्यायिक हिरासत पर लिया है। आर्यन को शुक्रवार सुबह शहीद संग्रहालय से पकड़ा गया था। वह खुद को सेना में अधिकारी बताकर गुमराह कर रहा था। 
 
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आरोपी आर्यन - फोटो : संवाद
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विस्तार
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शाहजहांपुर के शहीद संग्रहालय से शुक्रवार सुबह पकड़े गए दुर्गा इंक्लेव निवासी फर्जी ब्रिगेडियर आर्यन वर्मा को शनिवार को कोर्ट में पेश किया गया। यहां उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस ने अदालत से उसे 14 की न्यायिक रिमांड पर लिया है। मामले की विवेचना कैंट चौकी इंचार्ज भूपेंद्र सिंह कर रहे हैं। अब पुलिस की टीम फर्जी ब्रिगेडियर का पहचान पत्र बनाने वाले का पता लगाने के लिए दिल्ली, नोएडा और गुरुग्राम जाएगी।   

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दिल्ली में रहकर नीट की तैयारी कर रहे आर्यन वर्मा ने माता-पिता को खुद को सेना में अधिकारी बनने की जानकारी दी थी। इसके बाद वह जब शाहजहांपुर आता तो ब्रिगेडियर की फुल ड्रेस में ड्राइवर और बाउंसर के साथ घूमता था। पूर्व सैनिकों ने जब केवल 21 वर्ष के ब्रिगेडियर को देखा तो सैन्य अधिकारियों की मदद से उसे शहीद संग्रहालय में बुलाकर पकड़ लिया। खुलासा हुआ कि वह फर्जी ब्रिगेडियर है। 

आरोपी बोला- मां को दिलासा दिलाने के लिए ऐसा किया था 
बरेली से आई आर्मी इंटेलिजेंस की टीम ने भी पूछताछ की थी। इसके बाद उसे सदर बाजार थाने की पुलिस को सौंप दिया गया था। पुलिस को उसने बताया कि उसने अपनी बीमार मां को दिलासा देने के लिए ऐसा किया था। उसने न तो कभी किसी को परेशान किया और न किसी से कोई वसूली की। वर्दी व अन्य सामान नोएडा, गुरुग्राम से एकत्र कर अपने पिता की गाड़ी में आर्मी के ब्रिगेडियर रैंक का लोगो लगाकर घूमने लगा था।  एसपी सौरभ दीक्षित ने बताया कि आरोपी को जेल भेज दिया गया है। आरोपी की 14 दिन की न्यायिक रिमांड ली गई है। 

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फर्जी ब्रिगेडियर संग रहने में गर्व महसूस कर रहे थे बाउंसर
भाड़े पर लिए गए बाउंसर शशांक और मोहसिन फर्जी ब्रिगेडियर के साथ रहने पर गर्व महसूस कर रहे थे, लेकिन शुक्रवार की सुबह जब झूठ की कलई खुली तो दोनों दंग रह गए। बोले-हमारी कोई गलती नहीं। हम तो कंपनी के जरिये भाड़े पर जाते हैं। बरेली से आई इंटेलीजेंस टीम ने दोनों बाउंसर और कार चालक जगवीर से भी पूछताछ की और फिर दोनों को हिदायत देकर छोड़ दिया था।
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