शाहजहांपुर। बंटवारे के लिए हो रही पंचायत में ग्रामीण की लाठी-डंडे से पीटकर हत्या के मुकदमे में अदालत ने भाई और दो भतीजों को दस-दस वर्ष कारावास की सजा सुनाई है।
मीरानपुर कटरा थाना क्षेत्र के सराय के रहने वाले आरिफ ने पुलिस को बताया था कि बाबा भूरे की मृत्यु के बाद मकान के बंटवारे को लेकर पिता जलील का चाचा और ताऊ से विवाद था। चाचा पप्पू, ताऊ जमील के बेटे इस्माइल और शकील अक्सर उन लोगों से गाली गलौज करते रहते थे। पिता ने पंचायत बुलाई थी।
17 अगस्त 2008 को पंचायत में पिता जलील को चाचा और चचेरे भाइयों ने लाठी-डंडों से पीट दिया था। बाद में इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई थी। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर पप्पू, इस्माइल और शकील के खिलाफ आरोपपत्र अदालत भेजा। अपर जिला जज नुसरत खान ने पप्पू, इस्माइल और शकील को दोषी माना। तीनों को दस-दस वर्ष के कारावास की सजा सुनाई।