ट्रायल कोर्ट ने सुनाई थी सजा-ए-मौत
दो सितंबर 2016 की सुबह सुखजीत का शव घर की पहली मंजिल पर खून से लथपथ मिला। इस मामले में पुलिस ने रमनदीप और गुरप्रीत को गिरफ्तार किया। आरोप लगाया कि रमनदीप और गुरप्रीत ने मिलकर सुखजीत की हत्या की। ट्रायल कोर्ट ने बेटे की गवाही पर भरोसा जताया। छह अक्तूबर 2023 को रमनदीप को सजा ए मौत सुनाई गई जबकि गुरप्रीत को उम्रकैद।
रमनदीप की अपील पर सुनाया गया फैसला
सजा के खिलाफ दोनों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट ने पत्नी रमनदीप को मिली फांसी की सजा उम्रकैद में तब्दील कर दी। कोर्ट ने पाया कि यह हत्या संपत्ति विवाद में फंसाने का झूठा मामला नहीं है, बल्कि पत्नी और पारिवारिक मित्र की ओर से अंजाम दी गई सुनियोजित हत्या का है। यह नृशंस है लेकिन दुर्लभतम श्रेणी में तहत नहीं है। लिहाजा, कोर्ट ने पत्नी की अपील आंशिक रूप से स्वीकार कर ली।