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जिले के बार्डर सील, बाहर से आए 70 लोग क्वारंटीन

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मीरानपुर कटरा। कोरोना से जंग जीतने का सबसे प्रमुख माध्यम आपस में दूरी बनाए रखना है लेकिन लॉकडाउन के बाद हाईवे पर उमड़ी पलायन करने वालों की भीड़ से इस नियम की धज्जियां उड़ गईं। हालात बिगड़ते देख केंद्र सरकार के निर्देश पर सोमवार से सभी प्रदेश और जिलों के बॉर्डर सील कर दिए गए। इससे तमाम लोग दूसरे शहरों में फंस गए हैं। सोमवार को नेशनल हाईवे स्थित शाहजहांपुर के बार्डर पर भी करीब 500 से ज्यादा लोगों भीड़ रोक दी गई। इसके बाद जिला प्रशासन ने जिले में रहने वाले 70 लोगों को अपनी सीमा में लेने के बाद बाकी भीड़ को जिले में घुसने नहीं दिया। जिले की सीमा में लिए गए इन 70 लोगों को एक स्कूल में बनाए क्वारंटीन वार्ड में ठहराया गया है।
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शासन की ओर से जिले की सीमा को सील करने का फरमान मिलते ही एएसपी ग्रामीण अपर्णा गौतम और एसडीएम सौरभ गंगवार पुलिस फोर्स के साथ जिले की सीमा हुलासनगरा रेलवे फाटक के पास खड़ी हो गए। इसके बाद बरेली की ओर से आ रहे लोगों से पूछताछ के साथ ही रोकने का सिलसिला शुरू हो गया। पांच सौ से ज्यादा लोगों की भीड़, जिसमें महिलाएं, बच्चे, पुरुष सभी शामिल थे। उनसे एक-एक कर पूछा गया कि कहां जाना है। बस उन्हीं लोगों को अंदर लिया गया, जो जिले के रहने वाले थे। ऐसे 70 लोगों को जिले की सीमा में लेकर उनका चेकअप कराया गया। जब वे गांव जाने की कोशिश करने लगे तो उन्हें नगर के राममुरारी पब्लिक स्कूल में बनाए गए क्वारंटीन वार्ड में पहुंचा दिया गया। कहा गया कि कोरोना वायरस के संक्रमण से उन्हें और उनके अपनों को बचाने के लिए 14 दिन तक आइसोलेशन में रहना होगा। एसडीएम सौरभ गंगवार ने बताया कि इन लोगों को 14 दिन आइसोलेट रखा जाएगा। इनके खाने पीने की संपूर्ण व्यवस्था की गई है। वहीं, हाईवे पर अधिकारियों, सरकारी सेवाओं और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति में लगी गाड़ियों को छोड़कर बाकी सारे वाहनों कर आवाजाही रोक दी गई।
इन क्षेत्रों के लोग रखे गए क्वारंटीन वार्ड में
जिले की सीमा में प्रवेश करने वाले मीरानपुर कटरा, तिलहर, मदनापुर, कांट, पुवायां, सेहरामऊ दक्षिणी, निगोही क्षेत्र के लोग हैं। यह लोग दिल्ली, हरियाणा, नोएडा से तो आ गए हैं लेकिन इन्हें अभी 14 दिन तक घर नहीं जाने दिया जाएगा।
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मुसीबत में फंसी जान
जिले के बॉर्डर पर फतेहगंज पूर्वी की ओर रोके गए लोगों में ज्यादातर कानपुर, लखनऊ, फैजाबाद, बिहार आदि से हैं। इन्हें न तो शाहजहांपुर का जिला प्रशासन सीमा में घुसने दे रहा है और न ही बरेली का प्रशासन फतेहगंज पूर्वी में ठहरने की अनुमति दे रहा है। सुबह से लेकर शाम तक महिलाएं पुरुष परेशान रहे। हालांकि कुछ लोगों ने उनके खाने-पीने की व्यवस्था की, जिससे उन्हें राहत मिली।
हाईवे पर पसरा सन्नाटा, छंट गई भीड़
जिस नेशनल हाईवे पर कल तक प्रवासी मजदूरों की भीड़ नजर आती थी, सोमवार को जिले की सीमा सील होने के साथ ही वह छंट गई। अब हाईवे पर सन्नाटा नजर आ रहा है। बस इक्का-दुक्का लोग जरूरी काम से निकल रहे हैं। इसके अलावा कुछ ऐसे लोग भी हैं, जो बीच में कहीं फंस गए थे।
परौर पीएचसी पर हुआ स्वास्थ्य परीक्षण
परौर। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में दिल्ली, नोएडा, हरियाणा, गाजियाबाद से आए लोगों का डॉ. हरेंद्र कुमार ने टीम के साथ परीक्षण किया। इन लोगों को आपस में दो मीटर की दूरी बनाकर रखने और 14 दिन तक खुद को घरों में आइसोलेट करने की सलाह दी गई। थाना परौर में तैनात कर्मचारियों का भी परीक्षण किया गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम में दिनेश प्रताप, मोहित मिश्रा, नरेंद्र सिंह, फार्मेसिस्ट जगजीवन राम, एएनएम शशि मिश्रा आदि मौजूद रहीं। संवाद
सीमाएं सील, फिर भी गुजरते रहे लोग
अल्हागंज। भले ही जिले की सीमा सील कर दी गई हो लेकिन अल्हागंज-हुल्लापुर के बीच ट्रकों और पैदल यात्रियों का आवागमन सोमवार को भी जारी रहा। पैदल चले लोग जो भी वाहन मिल रहा था, उसमें बैठकर अपने घरों को जा रहे थे। संवाद
लखीमपुर, पीलीभीत और बदायूं से लगी सीमाएं भी सील
खुटार/कलान। एसपी के निर्देश पर खुटार पुलिस ने सीओ और एसडीएम की मौजूदगी में खुटार से लगती लखीमपुर और पीलीभीत की सीमाएं सील कर दीं। केवल किसानों और पैदल जाने वाले लोगों को आने जाने दिया जा रहा है। थाना प्रभारी जयशंकर सिंह ने बताया कि अन्य प्रांतों से आने वाले लोगों का मेडिकल परीक्षण करने के बाद उन्हें जाने दिया जाएगा। वहीं, कलान क्षेत्र में बदायूं और फर्रुखाबाद जिले की सीमाओं को भी सील कर दिया गया है। यहां से सिर्फ जिले के ही लोगों को अंदर जाने दिया जा रहा है। संवाद
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