देश की सियासत में अपने सबसे बुुरे वक्त से गुजर रही कांग्रेस को आरक्षण के मुद्दे में अपने लिए संजीवनी नजर आई है। इससे इसे फिर से दिन बहुरने की आस को बल मिला है। यही वजह है कि जमीनी स्तर पर जनता से सीधे जुड़ाव वाले इस मुद्दे पर सड़कों पर उतरने के लिए संगठन में गंभीरता से मंथन जारी है। पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद इस मुद्दे पर अपनी राय संगठन को बता चुके हैं कि आरक्षण के हकदारों के लिए पैमाना बदलवाने की लड़ाई लड़ी जाय। विशेषकर यूपी में आरक्षण के नाम पर लागू मौजूदा सामाजिक न्याय नीति ही गलत है।
शनिवार को शाहजहांपुर में अपने आवास पर बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि देश में अकेली कांग्रेस ही ऐसी पार्टी है जो जाति और संप्रदाय की राजनीति से हमेशा ऊपर रही एवं हाशिए पर आदमी के हित के बारे में सोचा और काम किया। आश्चर्य जताया कि आरक्षण के मौजूदा ढर्रे में बदलाव की बात करते ही वे लोग ही सबसे पहले पूरे मुद्दे पर जनता को भ्रमित करने पर उतारू हो जाते हैं और मनुवादी बताने से भी नहीं हिचकते, जो इसका लाभ लेकर सियासी तौर पर भी रईस बन चुके हैं। ओबीसी को ही लें तो अब भी उसी बिरादरी वालों को सबसे ज्यादा सरकारी नौकरियों और अन्य कामों में लाभ मिला है, जो सत्ता में रहीं या उसके करीब रहीं। इस बिरादरी में रईस और गरीब का दो तबका बन गया है। दूसरा तबका लाभ न पा सकने वालों का है। हाल यह है कि चपरासी के 200 पदों के लिए रिक्तियां निकल रही हैं तो ढाई लाख से अधिक दावेदार हो रहे हैं, जिनका इंटरव्यू निपटाने में ही साल लग जाएगा। सवर्ण गरीब की तो कोई पैरोकारी तक नहीं कर रहा, उसके लिए सरकारी नौकरी में स्थान हीं नहीं बचा।
उनका कहना है कि आर्थिक, जातिगत और धार्मिक आधार पर गणना के आंकड़े उपलब्ध हैं तो अत्याधुनिक तकनीकी का लाभ लेकर सरकार के स्तर पर हर जाति और तबके में आर्थिक तौर पर पिछड़े लोगों की सूची तैयार कर उन्हें ही आरक्षण का लाभ देने का पैमाना तय किया जाय। यह होने पर ही हाशिए के आदमी को तरक्की की मुख्य धारा में लाया जा सकेगा लेकिन सूबे में अखिलेश यादव और केंद्र में नरेंद्र मोदी को इस व्यापक जनसरोकार वाले मसले से कोई मतलब नहीं है।
पंचायत चुनाव में मजबूती
से उतरेगी कांग्रेस
शाहजहांपुर। पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने शनिवार को यहां पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठककर त्रिस्तरीय पंचायती चुनाव की गतिविधियों की जानकारी ली। बाद में उन्होंने बताया कि इस चुनाव में पार्टी की ओर से प्रत्याशी बनने के लिए लोगों में होड़ है। शाहजहांपुर में पार्टी का अपना पूरा और जमीनी स्तर पर बड़ा नेटवर्क है। होने वाले पंचायत चुनाव में कांग्रेस की ओर से यहां चौंकाने वाले नतीजे आएं तो आश्चर्य नहीं होगा।