शाहजहांपुर। करीब दो सालों से बंद पड़े सट्टे का कारोबार फिर से शुरू हो गया है। अंधेरी गलियाें, पान के खोखों व किराने की दुकानों पर सट्टे की बाजी लगने लगी है। जानकारी में आने के बाद एसपी ने थाना प्रभारियों से नाराजगी जताई। तब पुलिस ने कई सटोरियों को गिरफ्तार किया। सरगना को पकड़ने के लिए भी टीमें लगाई गईं हैं।
पूर्व में हिस्ट्रीशीटर वेदव्यास उर्फ बेदी सट्टे का कारोबार चलाता था। पुलिस की सख्ती के बाद उसने जिला छोड़ दिया। तब भी सट्टा चलता रहा। सट्टेबाजी की लत से कई परिवार तबाह हो गए थे। तत्कालीन एसपी एस. आनंद ने नकेल कसी तो सट्टे का कारोबार लगभग खत्म हो गया था। इस दौरान पुलिस और सट्टेबाजों की जुगलबंदी को भी तोड़ा गया था। कुछ वर्ष तक बंद रहने के बाद थोड़े समय पहले एक बार फिर से सटोरियों ने अपना नेटवर्क फैला दिया। मामला एसपी अशोक कुमार मीणा तक पहुंचने के बाद उन्होंने सख्ती दिखाई। थाना प्रभारियों को कारोबार पर लगाम लगाने के निर्देश दिए तो पुलिस सक्रिय हो गई। पुलिस ने धरपकड़ अभियान चलाते हुए कई गुर्गों को पकड़ा। चौक कोतवाली पुलिस ने मोहल्ला वर्कजई के गुफरान, मोहल्ला चौकसी के राजेश श्रीवास्तव, हुसैनपुरा के विनोद आदि को गिरफ्तार किया। इसी तरह सदर बाजार पुलिस, रोजा, आरसी मिशन समेत ग्रामीण इलाके के थाना प्रभारियाें ने कई लोगों को पकड़ा है।
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मोबाइल से चल रहा सट्टा
सट्टेबाज मोबाइल के जरिये सट्टा लगाते हैं। नंबर आने पर दस रुपये लगाने पर 50, 20 लगाने पर सौ रुपये देने का दावा करते हैं। पुलिस की जांच में वाट्सएप पर सट्टे का नंबर भेजने की बात सामने आई है।
पुराने कारोबारियों को हिरासत में लेकर पूछताछ
-सट्टे का कारोबार करने वाले पुराने लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई है। पूर्व में सट्टे का कारोबार करने वाले कई लोग राजनीतिक पार्टियों से जुड़ चुके हैं। पुलिस ने उन्हें भी थाने में बुलाकर पूछताछ कर जानकारी ली है।
-सट्टे के कारोबार करने वालों को पकड़ने के लिए थाना प्रभारियों को निर्देशित किया है। टीमों को लगाया है। इनपुट के आधार पर सटोरियाें को गिरफ्तार कर कार्रवाई की जा रही है।
अशोक कुमार मीणा, एसपी