बीएसए कार्यालय में धरना स्थल पर साथियों को संबोधित करते हुए प्रांतीय कोषाध्यक्ष एवं जिलाध्यक्ष संजय सिंह ने कहा कि इस बार संघ ने आरपार की लड़ाई लड़ने की योजना बनाई है। यदि शासन ने संघ की मांगों पर मुहर नहीं लगाई तो 16 मार्च को सूबे का लाखों शिक्षक सरकार के ताबूत में आखिरी कील ठोकेगा। उन्होंने कहा कि पुरानी पेंशन योजना लागू कराने के लिए दिल्ली का रास्ता भी तय करने में पीछे नहीं हटा जाएगा। जिला मंत्री देवेश वाजपेयी ने सरकार को ललकारते हुए चेतावनी दी कि शिक्षकों से टकराव करने वाली पार्टी कभी सत्ता में नहीं रह पाई, सपा का हश्र भी यही होने वाला है। शिक्षकों से टकराव का मतलब कुर्सी नहीं जमीन पर आना है।
उपाध्यक्ष सरताज अली के जोशीले संचालन में हुए धरना में मुनीश मिश्रा, प्रेमपाल गंगवार, अर्चना श्रीवास्तव, प्रेमलता शुक्ला, सीमा अहूजा, मसूद कमाल, डॉ. विनय गुप्ता, राज कुमार तिवारी, रवींद्र प्रजापति, कल्प सिंह, यशपाल यादव, केके सिंह, गौरव शुक्ला, नवेंदु मिश्र, धर्मेंद्र प्रताप, आदेश अवस्थी, इमरान सईद, आलोक अवस्थी, नफीस खां, रेहान अहमद, नीरज मिश्र, यशपाल यादव, जुबैर आलम, अरविंद सिंह, अरविंद त्रिपाठी आदि ने भी विचार व्यक्त किए। धरना-प्रदर्शन में दिनेश पाल, शिव किशोर मिश्र, प्रमोद सिंह, बलवीर सहाय, गीता शुक्ला, सुषमा गुप्ता, शाहना बी, विकास पाल, अमित कश्यप, सर्वेश नरवाल, पूजा, सीता, जमाल, शाहनवाज, चतुर्भुज सिंह, शिवेंद्र, शिव कुमार, आनंद प्रताप, राहुल तोमर, बृजेश कुमार, नितिन सिरोही, अजय, दीपा पूनिया, वंदना समेत बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं शामिल रहे।
शिक्षिकाओं की भागीदारी ने किया प्रभावित
प्राथमिक शिक्षक संघ के धरना-प्रदर्शन में शिक्षिकाओं की भागीदारी सर्वाधिक रही। बीएसए कार्यालय परिसर में सुबह से ही शिक्षिकाएं पहुंचनी शुरू हो गई थीं, उन्होंने मंच के सामने दरी पर अपनी जगह सुनिश्चित की और दो बजे तक डटी रहीं। इस बीच उन्होंने जमकर नारेबाजी भीर खूब की। बाद में कलक्ट्रेट पहुंचकर ज्ञापन देने में भी पूरी भूमिका निभाई।
ये रहीं प्रमुख मांगें
प्राथमिक शिक्षक संघ के बैनर तले हुए धरना प्रदर्शन के बाद जो ज्ञापन मुख्यमंत्री को भेजा गया उसमें प्रमुख रूप से पुरानी पेंशन योजना लागू करने, अंतरजनपदीय स्थानांतरण किए जाने, स्कूलों में मिड डे मील के अंतर्गत दूध का वितरण बंद कराने, स्कूलों के लिए क्रीड़ा और स्काउट-गाइड क्रियाकलापों के लिए धन उपलब्ध कराने, पाठ्य पुस्तकों की भांति यूनिफार्म प्रदेश मुख्यालय से उपलब्ध कराने, योग्यतानुसार मृतक आश्रितों को नौकरी देने, बाल्य देखभाल अवकाश में संसोधन करने, सामूहिक बीमा राशि बढ़ाने, बीएड और बीटीसी में 10 अंकों का वेटेज देने आदि मांगें शामिल की गई हैं।