शाहजहांपुर। माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल व इंटरमीडियट की परीक्षा के लिए 119 केंद्र प्रस्तावित किए गए हैं। इसे लेकर अंतिम दिन तक लगभग सौ प्रत्यावेदन आ चुके हैं। डीआईओएस कार्यालय में सबसे ज्यादा अधिक दूरी व संसाधनों की कमी के प्रत्यावेदन आए हैं। दरअसल दूरी नापते समय नदी और नालों का ध्यान नहीं रखा गया, जिसकी वजह से दूरी बढ़ गई।
18 फरवरी से होने वाली यूपी बोर्ड परीक्षा में 389 स्कूलों के 77735 परीक्षार्थी शामिल होंगे। इसमें हाईस्कूल के 42603 व इंटरमीडियट के 35132 छात्र-छात्राएं शामिल हैं। परीक्षा केंद्र बनाने की प्रक्रिया चल रही है। 119 प्रस्तावित केंद्रों के लिए लगभग सौ प्रत्यावेदन आए हैं। इसमें सबसे ज्यादा अधिक दूरी की समस्या को लेकर आए हैं।
आरोप है कि परिषद ने ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत हवा में दूरी नापकर सेंटर प्रस्तावित कर दिए जबकि नदी, नाले आदि को नहीं देखा। ग्रामीण इलाकों में बने केंद्रों में नदी के चलते अधिक दूरी तय करनी पड़ रही है। अफसरों का कहना है कि अधिक दूरी की सबसे ज्यादा आपत्तियां हैं। जबकि संसाधन कम होने के चलते लोग केंद्र कटवाने के लिए प्रत्यावेदन दे रहे हैं।
कुछ राजकीय स्कूलों में सारे संसाधन पूरे हैं, लेकिन कैमरों का अभाव है। संभावना है कि इन्हें केंद्र बनाने के लिए प्रशासन भी कैमरे लगवा सकता है। कुछ जगहों पर क्षमता से अधिक बच्चे भेज दिए गए हैं। शुक्रवार को प्रत्यावेदनों की समीक्षा की जाएगी। उसके बाद जिलास्तरीय समिति की बैठक होगी।
प्रस्तावित केंद्रों के लिए प्रत्यावेदन लगातार प्राप्त हो रहे हैं। अंतिम दिन भी कुछ आपत्तियां आईं हैं। इनकी समीक्षा की जाएगी। अधिक दूरी व संसाधनों को लेकर ज्यादा शिकायतें आईं हैं।
-अनिल कुमार, कार्यवाहक डीआईओएस