पिछड़े वर्ग को पदोन्नति में आरक्षण का लाभ देने पर सपा सरकार द्वारा रोक लगाए जाने के विरोध में बहुजन मुक्ति पार्टी के कार्यकर्ता सोमवार को सड़क पर उतर आए। उन्होंने पार्टी के प्रांतीय आह्वान पर कलक्ट्रेट पर सरकार विरोधी नारेबाजी कर धरना दिया।
धरना स्थल पर हुई सभा में बमुपा के जिलाध्यक्ष मलिखान सिंह दिनकर ने कहा कि लोक सेवा अधिनियम के प्रावधान के अनुसार पिछड़े वर्ग के जिन कर्मचारियों को प्रोन्नति का लाभ मिला, उन्हें मौजूदा सपा सरकार ने गत 30 मार्च को जारी शासनादेश के आधार पर पदावनत करने का निर्णय किया। उन्होंने कहा कि जो गलती पिछली बसपा सरकार ने की, उसी को सपा भी दोहरा रही है, लेकिन बमुपा कार्यकर्ता इसे सहन नहीं करेंगे।
मंडल कोआर्डिनेटर रामलाल वर्मा ने पिछड़े वर्गों को ‘रिजर्वेशन इन प्रमोशन’ की वकालत करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने तीन साल के कार्यकाल में इस व्यवस्था को लागू करने के बजाय उसे पलटने का काम किया। जिला उपाध्यक्ष हाशिम मियां ने पीसीएस परीक्षा इसी आधार पर रद्द करके पिछड़े वर्ग केआवेदकों को पीसीएस अधिकारी बनने से रोक दिया गया। अन्य वक्ताओं ने कहा कि सरकार ने मांग पर ध्यान नहीं दिया तो 20 अप्रैल को लखनऊ में विधानसभा के सामने उग्र प्रदर्शन होगा। धरना में भगवान दास, राधेश्याम वर्मा, विक्रम सिंह आदि शामिल रहे।