बिजली की आपात कटौती और लाइन फाल्ट के कारण शुक्रवार को देर शाम से सुबह तक शहर के विभिन्न इलाकों के लोगों को बिजली संकट का सामना करना पड़ा। आंधी के तेज थपेड़ों से बिजलीपुरा में 11 केवी लाइन का तार टूटने से तीन घंटे तक आसपास के कई मोहल्लों की बत्ती गुल रही। बाद में रात दो बजे से आपात कटौती लागू कर दी गई। सुबह चार बजे सप्लाई शुरू हुई, लेकिन दो घंटे बाद नियमित कटौती लागू कर दिए जाने से लोगों को खासी असुविधा हुई।
नौ घंटे की नियमित बिजली कटौती के अलावा आधी रात को होने वाली दो से तीन घंटे की आपात कटौती ने शहरी बाशिंदों के दिन का चैन और रातों की नींद पहले से छीन रखी है। ऐसे में बिजली नेटवर्क के फाल्ट लोगों को चिढ़ा रहे हैं। शुक्रवार को शाम आंधी के बाद हुई बारिश से यही हुआ। शाम पांच से सात बजे तक नियमित कटौती के दौरान तेज अंधड़ चलने से बहादुरगंज सब स्टेशन के बिजलीपुरा फीडर की 11 केवी लाइन के तार टूटकर नीचे आ गिरे।
उल्लेखनीय है कि बीते सप्ताह भी यही लाइन हयातपुरा के पास फाल्ट के शिकंजे में आ गई थी। उस वक्त क्षेत्र के लोगों ने लाइन स्टाफ से पुराने तार हटाकर वहां केबिल वाली नई बंच लाइन डालने की मांग की, लेकिन उसे अनसुना कर दिया गया। गनीमत यह रही कि तार टूटते वक्त सब स्टेशन से लाइन की सप्लाई बंद थी। सूचना मिलने पर पहुंचे लाइनमैन ने करीब एक घंटे की मशक्कत करके तार जुड़वाए। इस फाल्ट के कारण बिजलीपुरा, जेल रोड पर मिशन तिराहा के पास और हयातपुरा इलाके के लोग बिजली को तरस गए।
रात करीब नौ बजे प्रभावित क्षेत्रों की बिजली सप्लाई बहाल हो सकी, लेकिन आधी रात के बाद इमर्जेंसी कटौती लागू हो जाने से शहर फिर से अंधेरे में डूब गया। हालांकि, सप्लाई तड़के चार बजे शुरू हो गई, लेकिन छह बजे से दो घंटे की नियमित कटौती चालू हो जाने से लोग रात भर चैन की नींद नहीं ले पाए। आठ बजे बिजली आने पर घरों में पानी के टैंक भरे गए, जिसके बाद लोगों की दिनचर्या पटरी पर लौट सकी।