रौसर कोठी से सहकारी दुग्ध डेयरी संघ कार्यालय की ओर जाने वाले मार्ग की बदहाली के विरोध में ग्रामीण शनिवार को सड़क पर उतर आए। उन्होंने जर्जर मार्ग ठीक नहीं कराने के लिए मैक्डॉवल एंड कंपनी और रोजा शुगर वर्क्स के प्रबंधतंत्र को दोषी मानते हुए जमकर नारेबाजी की और फैक्ट्री प्रबंधन के पुतले फूंके।
रौसर कोठी के मुख्य चौराहे से सहकारी दुग्ध डेयरी संघ की ओर जाने वाला सीमेंटेड रोड कई दशक पहले बनाया गया था। यह मार्ग गन्ना पेराई सीजन में रोजा चीनी मिल गेट तक ट्रैक्टर-ट्रालियों से गन्ना ढुलाई के काम आता है और आगे जाकर राष्ट्रीय राजमार्ग-24 से मिल जाता है। गन्ना सीजन में वाहनों के भारी दबाव से सीमेंट का मार्ग बुरी तरह जर्जर हो चुका है और गहरे गड्ढे बन गए हैं। चूंकि, इसी रोड पर दोनों फैक्ट्रियां हैं, इसलिए आसपास के ग्रामीण मिल प्रबंधनों से कई वर्ष से रोड की मरम्मत कराने की मांग कर रहे हैं।
मांग पर कोई सुनवाई नहीं किए जाने पर ग्रामीणों का धैर्य जवाब दे गया। उन्हें साथ लेकर ग्राम चौढ़ेरा निवासी क्षेत्र पंचायत सदस्य प्रमोद कुमार रौसर चौराहे पर पहुंचे और दोनों फैक्ट्रियों के प्रबंधनों का पुतला फूंका। यही नहीं, दोनों मिलों के महा प्रबंधकों को ज्ञापन देकर एक सप्ताह में रोड की मरम्मत नहीं होने पर क्रमिक अनशन शुरू करने की चेतावनी दी। प्रदर्शन में मनोज कुमार, हिमांशु वर्मा, नीरज कुमार, राहुल राणा, रचित मिश्रा, सूरज कनौजिया, दिव्यांशु शर्मा, राहुल वर्मा, रजत राजपूत, नरेंद्र कुमार, दिनेश चंद्र आदि शामिल रहे।