शाहजहांपुर। उच्च रक्तचाप की समस्या से बुजुर्ग ही नहीं, बल्कि युवा भी जूझ रहे हैं। इसकी वजह से स्ट्रोक, हार्टअटैक और दिल की दूसरी बीमारियों का भी खतरा रहता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, इसका कारण जरूरत से ज्यादा तनाव और खराब लाइफस्टाइल है। जंक, प्रोसेस्ड फूड और सोडियम की ज्यादा मात्रा कई बार हाई बीपी की वजह बन जाती है। इसे कंट्रोल में रखने को केवल स्वस्थ लाइफस्टाइल ही एकमात्र उपाय है।
हर साल 17 मई को विश्व रक्तचाप दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य साइलेंट किलर यानी उच्च रक्तचाप के प्रति जागरूकता फैलाना है। राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डाॅ. राजेश कुमार ने बताया कि रक्तचाप की गड़बड़ी अपने आप में बहुत सारी बीमारियों का कारण है। इससे शरीर के अंग भी खराब हो सकते हैं।
इसे नियंत्रित करना बहुत जरूरी है। समय-समय पर डाॅक्टर से चेकअप कराते रहें। नमक का कम सेवन करें। योग करें, भरपूर नींद लें। नशा न करें और वजन को नियंत्रित करें। बीपी की दवा खुद से बंद न करें। प्राचार्य ने बताया कि ऐसे कई मरीज आते हैं जिन्हें अस्पताल आकर ही रक्तचाप संबंधी समस्या की जानकारी होती है। ऐसे में सावधानी बरतें।
बीपी हाई होने पर लें गहरी सांस
- चिकित्सकों के अनुसार, अगर किसी का ब्लडप्रेशर अचानक से हाई हो जाए तो वह कंट्रोल करने के लिए शांत रहने की कोशिश करे और गहरी सांस ले। थोड़ा टहल सकते हैं। हल्का सा शरीर को स्ट्रेच करें। हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों को शारीरिक तौर पर सक्रिय रहने की जरूरत होती है।
पर्याप्त समय नींद लेना बेहद जरूरी
डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि काम की अधिकता या व्यस्त जीवनशैली के कारण लोग अपनी नींद से समझौता करने लगते हैं। नींद की वजह से कई गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। जैसे ब्रेन स्ट्रोक, शरीर का कमजोर होना, डायबिटीज का खतरा आदि। कम नींद लेने से हाईब्लड प्रेशर की भी समस्या बढ़ जाती है। छह घंटे से कम सोने वालों में भी यह संभावना अधिक होती है। ऐसे में पर्याप्त समय नींद लें ताकि ब्लड प्रेशर की समस्या को नियंत्रित किया जा सके।
उच्च रक्तचाप के ये हैं लक्षण
- सांस का तेज चलना
- चक्कर आना
- चेहरा लाल पड़ना
- कमजोरी और आंखों के आगे अंधेरा छाना
- थकान महसूस होना
- सिर में तेज दर्द
- दिल की धड़कन तेज चलना
(जैसा कि डॉ. राजेश कुमार ने बताया)