शहर के एक निजी अस्पताल में प्रसव के बाद प्रसूता की तबीयत बिगड़ने पर उसके लिए खून लेने आए उसके दो भाइयों का ब्लड बैंक संचालक ने खून निकालकर दोनों को डोनर कार्ड थमा दिया और एक साल के अंदर खून लेने की बात कहकर टहला दिया। इसी बीच अस्पताल में भर्ती प्रसूता की हालत बिगड़ गई। डॉक्टर ने किसी तरह से उसे बचाया। दोनों भाइयों की तहरीर पर सदर पुलिस ने ब्लड बैंक संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
थाना कांट क्षेत्र के मोहल्ला तकिया में रहने वाले अरशद और शमशुद्दीन ने थाने में दी तहरीर में बताया कि चार अक्तूबर को उनकी बहन ताज बी पत्नी इमरान को प्रसव पीड़ा होने पर उसे शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। बड़े ऑपरेशन में बाद ताज बी के बच्चा पैदा हुआ। प्रसूता की हालत बिगड़ने पर डॉक्टर ने दो यूनिट खून की व्यवस्था करने को कह दिया। दोनों भाई टाउनहाल स्थित बीएन बहल मेमोरियल हास्पिटल ब्लड लेने आए। डॉक्टर ने मरीज का ब्लड का सैंपल जांच करने के बाद दोनों भाइयों का पांच-पांच सौ ग्राम खून निकाल लिया था। काफी इंतजार बाद जब दोनों भाइयों को खून नहीं मिला तो वह डॉक्टर से मिले। आरोप है कि डॉक्टर ने कहा कि वह खून निकालते हैं, देते नहीं हैं। डॉक्टर ने अपने स्टाफ के साथ मिलकर दोनों भाइयों की मारपीट की और जान से मारने की धमकी देते हुए भगा दिया। समय से खून नहीं मिलने पर उनकी बहन की जान जोखिम में पड़ गई। थाना सदर बाजार पुलिस ने ब्लड बैंक के खिलाफ धारा 336, 417, 418, 323, 504, 506 के तहत के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।