रोजाना नौ घंटे की बिजली कटौती की आदत डाल चुके शहर के लोगों को भीषण गर्मी में आधी रात को होने वाली बिजली कटौती उनसे चैन की नींद नहीं छीनने लगी है। अमूमन दो से तीन घंटे तक होने वाली बिजली की इमरजेंसी रोस्टरिंग ने बुधवार को पिछले सारे रिकार्ड ध्वस्त कर दिए। रात एक बजे बत्ती गुल हो गई और तड़के पौ फटने तक पूरा शहर अंधेरे में डूबा रहा। मनमानी बिजली कटौती को लेकर व्यापार संगठनों में उबाल आने लगा है। उन्होंने पॉवर कारपोरेशन के अधीक्षण अभियंता को बिजली सप्लाई में सुधार नहीं होने पर जनांदोलन छेड़ देने की चेतावनी दी।
यह है बिजली कटौती का नया शेड्यूल
गत फरवरी में आयोजित समाजवादी दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम में जिला मुख्यालयों को न्यूनतम 20 घंटे बिजली देने का ऐलान किया था। मुख्यमंत्री की इस घोषणा के बाद शहरी क्षेत्र में करीब दो साल से लागू नौ घंटे की नियमित बिजली कटौती का शेड्यूल रद्द करके शहरी क्षेत्र में दोपहर एक से तीन बजे तक और आधी रात को 12 बजे से लेकर दो बजे तक कुल चार घंटे की पॉवर रोस्टरिंग का नया शेड्यूल लागू किया गया।
कटौती के निर्धारित कार्यक्रम का नहीं हो रहा पालन
पॉवर कारपोरेशन का सिस्टम कंट्रोल पुराने कटौती शेड्यूल की तरह नए शेड्यूल का भी पालन नहीं होने दे रहा है। कभी सुबह के वक्त फीडर बंद कर दिए जाते हैं तो कभी दोपहर को नियत समय से पहले पॉवर कट लागू हो जाता है। यही नहीं, रात को कटौती के निर्धारित समय के बाद भी बत्ती गुल रहना आम बात हो गई है। गत एक सप्ताह से आधी रात के बाद एक बजे से कभी दो घंटे तो कभी तीन घंटे की आपात कटौती हो रही है।
व्यापार संगठनों में इसलिए पनप रहा गुस्सा
रात की आपात कटौती को लेकर व्यापार संगठन पहले से ही भन्नाए हैं और इस मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन के साथ अफसरों का घेराव कर चुके हैं। इसके बावजूद आधी रात को पॉवर कट का दायरा बढ़ने से उनमें फिर से गुस्सा पनपने लगा है। बुधवार को आधी रात के बाद से सुबह पांच बजे तक चार घंटे की एकमुश्त कटौती थोप दिए जाने से अधिकांश लोग बिस्तरों पर करवटें बदलते ररहे। इस संबंध में व्यापार मंडल मिश्रा गुट के जिलाध्यक्ष कुलदीप सिंह दुआ ने अधीक्षण अभियंता आरके अग्रवाल से टेलीफोन पर बात करके अपना विरोध दर्ज कराया। आदर्श व्यापार मंडल के जिला महामंत्री रमेश चंद्र शुक्ला ने विभागीय अफसरों को चेताया कि बिजली सप्लाई में सुधार नहीं होने पर जनता को साथ लेकर उनके खिलाफ अभियान छेड़ दिया जाएगा।
सिस्टम कंट्रोल के एक्सईएन से किया पत्राचार
व्यापार संगठनों की मांग पर रात में बिजली की कटौती बंद कराने के लिए लखनऊ स्थित प्रणाली नियंत्रण अनुभाग के अधिशासी अभियंता से पत्राचार किया जा रहा है। आपात कटौती के बारे में अंतिम निर्णय सिस्टम कंट्रोल के स्तर से होता है और इस संबंध में व्यापारी नेताआें को भी अवगत करा दिया गया है।
-आरके अग्रवाल, अधीक्षण अभियंता, पॉवर कारपोरेशन