खुदागंज। जहां एक ओर देश कोरोना महामारी से जूझ रहा है, वहीं कुछ भ्रष्ट लोग रुपया कमाने का मौका खोज रहे हैं। पिछले वर्ष लॉकडाउन के दौरान पान मसाला व तंबाकू मिलना बंद हो गए थे, जिसके बाद चोरी चुपके पान मसाला और तंबाकू पर जमकर कालाबाजारी की गई थी। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के चलते संक्रमितों की संख्या में एका-एक इजाफा हुआ है। ऐसे में कुछ लोग महामारी में कमाने का अवसर खोज रहे हैं। व्यापारियों ने पान मसाला और तंबाकू का स्टाक करके उस पर कालाबाजारी शुरू कर दी है। जब इस कालाबाजारी का विरोध किया तो दुकानदार सीधे मुंह बात ही नहीं करते।
लॉक डाउन की सुगबुगाहट से एजेंसी होल्डर ने पान मसाला व तंबाकू की कालाबाजारी शुरू कर दी है। व्यापारियों के मुताबिक उन्हें एजेंसी से ही पान मसाला व तंबाकू ओवर रेट पर मिल रहा है। फुटकर में पान मसाला दो से तीन रुपये महंगा हो गया है। वहीं पैकेट पर 50 से 200 रुपये तक कालाबाजारी की जा रही है।
खुदागंज नगर में कई लोगों की होलसेल की दुकान है। जब फुटकर विक्रेता पसंद गुटके का पैकेट लेने पहुंचा, तो होलसेल के दुकान स्वामी द्वारा पैकेट की असल कीमत से लगभग 50 रुपये अधिक रुपये मांगे गए। जिस पर फुटकर विक्रेता ने इसका विरोध किया तो होलसेल दुकान स्वामी फुटकर विक्रेताओं पर भड़कते हुए साफ बोलते हैं लेना है तो लो नहीं कोई बात नहीं, मिलेगा इतने का ही कितने भी लो। वही बताया जा रहा है कि कुछ व्यापार मंडल के पदाधिकारी भी किराने की दुकान खोले हुए हैं और जमकर पान मसाला व तंबाकू की कालाबाजारी कर रहे हैं।
इस संबंध में जब खुदागंज नगर व्यापार मंडल अध्यक्ष कृपाशंकर रस्तोगी कर कहना है कि कालाबाजारी करना सरासर गलत है। इसका मैं विरोध करता हूं। अगर कोई भी व्यापार मंडल पदाधिकारी ऐसा काम करता है, तो उस पर कार्रवाई कराई जाएगी और ऐसे लोगों का साथ व्यापार मंडल बिल्कुल नहीं देगा।