भारतीय किसान यूनियन ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में फसली नुकसान का दायरा बढ़ाने की मांग की है। यूनियन की सोमवार को प्रांतीय आह्वान पर हुई पंचायत में वक्ताओं ने राशन कार्ड के ऑनलाइन आवेदन करने वाले सभी पात्र गृहस्थी परिवारों को सस्ती दरों पर खाद्यान्न उपलब्ध कराने की मांग की। पंचायत के बाद यूनियन के पदाधिकारियों ने कलक्ट्रेट जाकर प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री के नाम डीएम पुष्पा सिंह को ज्ञापन सौंपे।
पंचायत को संबोधित करते हुए भाकियू के जिला महासचिव रणजीत सिंह ने देश-प्रदेश की सरकारों को किसान विरोधी ठहराते हुए कहा कि सांसदों-विधायकों और मंत्रियों ने अपना वेतन कई गुना बढ़ा लिया, लेकिन किसानों के हितों की किसी को परवाह नहीं है। मंडल उपाध्यक्ष जयेंद्र सिंह और वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष संजीव अवस्थी ने सिंचाई के लिए बिजली संकट का मुद्दा उठाते हुए कहा कि सरकार की किसानों से संबंधित घोषणाएं हवा-हवाई साबित होने से कृषक वर्ग आत्महत्याएं करने को मजबूर हो रहा है।
नत्थू लाल वर्मा की अध्यक्षता और शिशुपाल सिंह यादव के संचालन में हुई पंचायत को ब्रज किशोर मिश्रा, रामप्रताप वर्मा, तारा यादव ,पूजा देवी, रामकृष्ण प्रजापति, अनिल सिंह, राम प्रताप वर्मा, उदयवीर सिंह, शिवसरन लाल आदि ने संबोधित किया। बाद में कार्यकर्ताओं ने पदाधिकारियों के साथ कलक्ट्रेट जाकर सरकार विरोधी नारे बुलंद किए और डीएम को ज्ञापन सौंपे।
ज्ञापनों में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत सभी तरह की आपदाओं में किसान के खेत को इकाई का दर्जा दिए जाने, मानव जन्य और नील गाय आदि जंगली जानवरों से होने वाली फसली हानि को बीमा योजना में शामिल करने, खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत ऑनलाइन आवेदन करने वाले सभी पात्र परिवारों को राशन वितरण सुनिश्चित करने आदि मांगों का उल्लेख है। प्रदर्शन में कुलदीप सिंह, मीना दिवाकर, कुसुमलता यादव, दाताराम वर्मा, रामचंद्र, सियाराम, संतोष सिंह, करनैल सिंह आदि शामिल रहे।