किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर कलक्ट्रेट पर भूख हड़ताल पर बैठे भानु गुट के कार्यकर्ताओं से वार्ता करने के लिए गुरुवार को भी कोई अधिकारी नहीं पहुंचा। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी भी की।
बारिश में बरबाद हुईं फसलों का नुकसान उठाने वाले किसानों को दैवीय आपदा के तहत सर्वे कराकर मुआवजा दिलाने की मांग को लेकर भाकियू भानु गुट के पदाधिकारियों ने एक सप्ताह पहले प्रदर्शन कर डीएम के नाम ज्ञापन भी दिया था। ज्ञापन में मांग पर जल्द उचित कार्यवाही नहीं होने पर आंदोलन छेड़ देने की चेतावनी दी, लेकिन अफसरों ने उसे गंभीरता से नहीं लिया। इसी के विरोध में भाकियू कार्यकर्ताओं ने कलक्ट्रेट में क्रमिक अनशन शुरू कर दिया।
संगठन केपदाधिकारियों को उम्मीद थी कि बृहस्पतिवार को कलक्ट्रेट के धरना स्थल पर आकर अधिकारी वार्ता करके समस्या का समाधान कराएंगे। यूनियन केजिला महासचिव राशि राम वर्मा को अधिकारियों से वार्ता कर संकेत मिलने पर उन्होंने प्रमुख पदाधिकारियों को शाम चार बजे तक धरना स्थल पर रोके रखा, लेकिन कोई अफसर नहीं पहुंचा। मंडल महासचिव रमेश गुप्ता ने कहा कि जब तक अधिकारी कार्यकर्ताओं के बीच आकर उनकी बात नहीं सुनेंगे, आंदोलन जारी रखा जाएगा।
खास यह रहा कि आंदोलन लंबा खिंचने के आसार देख यूनियन से जुड़ी महिलाओं को पदाधिकारियों ने घर भेज दिया और खुद अनशन पर डटे रहे। दूसरे दिन भूख हड़ताल में कप्तान सिंह, यादव, शेर सिंह, कलक्टर सिंह, रामलड़ैते, श्रीपाल यादव आदि डटे रहे। इस दौरान हुई सभा में भाकियू कार्यकर्ताओं ने जोशीली नारेबाजी करके अपनी एकजुटता का प्रदर्शन किया।