विभिन्न समस्याओं का समाधान नहीं होने और इंस्पेक्टर पुवायां के निलंबन की मांग को लेकर ब्लाक परिसर में लाठी-डंडों से लैस होकर धरने पर डटे सैकड़ों कार्यकर्ताओं को देखकर वहां कोतवाल के साथ पहुंची पुलिस के पसीने छूट गए। बाद में कई थानों की फोर्स के साथ ही एसडीएम और शाहजहांपुर के सीओ सिटी ने वार्ता करके बमुश्किल लोगों को शांत किया। इस दौरान एसपी से फोन पर हुई वार्ता में जिलाध्यक्ष महेंद्र सिंह को इंस्पेक्टर के निलंबन के मिले आश्वासन पर धरना समाप्त कर दिया गया।
बता दें कि कि गांव गंगसरा का 19 वर्षीय नवजोत सिंह 19 अगस्त को गायब हो गया था। इस मामले में पुलिस ने गांव के ही नौ लोगों के खिलाफ अपहरण की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। जिसमें पुलिस ने नामजद पूर्व प्रधान बाबूराम को कई दिन तक हिरासत में रखा। 27 अगस्त को पुलिस ने नवजोत को पकड़ा तो उसने स्वयं जाने की बात कही। इसके बाद हिरासत में लिए गये लोगों को छोड़ दिया गया। बाबूराम के छूटने के बाद भाकियू भानु गुट के जिलाध्यक्ष महेंद्रपाल सिंह यादव ने उच्च अधिकारियों को ज्ञापन देकर पुवायां पुलिस पर उत्पीड़न करने, फर्जी रिपोर्ट दर्ज करने और इंस्पेक्टर के निलंबन की मांग की थी। मांगे पूरी नहीं होने पर बुधवार को एक बजे कोतवाली का घेराव करने की चेतावनी दी थी। इसके मद्देनजर जिलाध्यक्ष महेंद्रपाल सिंह यादव के नेतृत्व में सुबह दस बजे से ही लोग ब्लाक परिसर में एकत्र होने शुरू हो गये। 11 बजे कोतवाली प्रभारी हरीश राजपूत फोर्स के साथ ब्लाक परिसर पहुंचे तो कार्यकर्ताओं की संख्या ज्यादा और हाथों में लाठी देखकर पुलिस के पसीने छूट गये। कोतवाली प्रभारी ने कार्यकर्ताओं को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं माने। इसके बाद मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी गई तो पुवायां, खुटार बंडा की पुलिस के साथ ही एसडीएम अजय कुमार तिवारी, शाहजहांपुर के सीओ सिटी सुमित शुक्ला मौके पर पहुंचे और पदाधिकारियों से वार्ता करके बमुश्किल धरना समाप्त कराया। जिलाध्यक्ष महेंद्र सिंह ने धरना स्थल पर कार्यकर्ताओं के बीच घोषणा की कि उनकी एसपी से वार्ता हो गई है। उन्होेंने उन्हें इंस्पेक्टर के निलंबन का आश्वासन दिया है। इसके बाद धरना समाप्त किया गया।