किसानों को फसलों की क्षति का मुआवजा दिलाने के साथ ही उन्हें पुलिस उत्पीड़न से बचाने के लिए 11 दिन से कलक्ट्रेट पर क्रमिक अनशन पर बैठे भाकियू (भानु गुट) केपदाधिकारियों ने आंदोलन की शासन-प्रशासन स्तर से उपेक्षा केविरोध में सोमवार से आमरण अनशन का अल्टीमेटम दिया है। इस संबंध में भाकियू के मंडल महासचिव ने राज्यपाल के नाम भेजे ज्ञापन की प्रतिलिपि सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय को भी उपलब्ध करा दी है।
किसान हित की मांगों को लेकर भाकियू नेताओं ने 11 मार्च को कलक्ट्रेट पर डेरा डाला था। शुरुआती तीन-चार दिन तक किसी भी प्रशासनिक अधिकारी ने भाकियू की भूख हड़ताल को महत्व नहीं दिया। हालांकि, इस बीच विभिन्न मुद्दों को लेकर प्रदर्शन करने वाले अन्य संगठनों के ज्ञापन लेने के लिए अधिकारी अनशन स्थल तक पहुंचे भी, लेकिन भाकियू कार्यकर्ताओं को अनदेखा कर दिया।
भाकियू के पदाधिकारियों को उम्मीद थी कि जिले के दौरे पर आए प्रमुख सचिव की उन पर नजरे इनायत होगी, लेकिन ऐसा भी नहीं हुआ। शासन-प्रशासन की इसी उपेक्षा से तंग आकर भाकियू के मंडल महासचिव रमेश चंद्र गुप्ता ने सोमवार को रजिस्टर्ड डाक से राज्यपाल को ज्ञापन भेजकर सोमवार से आमरण अनशन छेड़ देने की चेतावनी दी है। ज्ञापन की प्रतिलिपि सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय को भी उपलब्ध कराई गई है। इधर, क्रमिक भूख हड़ताल पर शेर सिंह, रामप्यारी देवी, श्रीपाल, राजाराम, सोबरन लाल, पातीराम और मान सिंह बैठे। इनकेसमर्थन में अनिल चौधरी, मनभावनी देवी, संतोष सिंह, गगनदीप सिंह माटा आदि ने धरना दिया।
राजद का अनशन छठे दिन भी जारी
पुवायां। राजद (किसान सेल) के प्रदेश अध्यक्ष रामकिशोर बघेल के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं का आमरण अनशन शनिवार को छठे दिन भी जारी रहा।
अनशन स्थल पर कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए बघेल ने कहा कि सत्यवती के नाम से फर्जी बैनामा करने वाली महिला की गिरफ्तारी, क्षेत्रीय लेखपाल, उप निबंधक के खिलाफ कार्रवाई, बंडा के गांव अख्तयारपुर निवासी मोतीलाल के पुत्र के साथ मारपीट करने वालों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज नहीं होने तक कार्यकर्ता अनशन से नहीं उठेंगे। शनिवार को अनशन पर बैठी सत्यवती, सरस्वती, लौंगश्री, रीतू, सदासुखी, सोनी यादव, लालराम यादव, सुनीता कोरी, कामता प्रसाद यादव आदि का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।