किसान हित की मांगों को लेकर कलक्ट्रेट पर 26 दिन से क्रमिक अनशन पर डटे भारतीय किसान यूनियन भानु गुट को समर्थन देने के लिए यूनियन के कार्यकर्ता जिला पंचायत सदस्य पद के नामांकन के दौरान कलक्ट्रेट जा पहुंचे। पुलिस अफसरों ने उन्हें बैरीकेडिंग से घिरे धरना स्थल पर जाने से रोका तो कार्यकर्ता भड़क उठे। हालांकि, बाद में एडीएम प्रशासन से हुई वार्ता से संतुष्ट होकर भाकियू नेताओं ने क्रमिक अनशन समाप्त कर दिया।
प्रशासन ने पंचायत चुनाव नामांकन में सुरक्षा के लिहाज से कलक्ट्रेट गेट से पोर्टिको तक जाने वाले रास्ते पर दोनों ओर बैरीकेडिंग करा रखी है। कलक्ट्रेट कैंपस में उत्तरी गेट से दाखिल हुए भाकियू कार्यकर्ताओं रोड के दूसरी ओर अनशन पर डटे साथियों के पास जाने को बैरीकेडिंग लांघनी चाही, लेकिन सीओ सिटी कृष्ण गोपाल यादव के निर्देश पर वहां मौजूद पुलिस अफसरों ने भाकियू कार्यकर्ताओं को ऐसा करने से रोककर पीछे के रास्ते से धरना स्थल पर जाने को कहा।
इस बात पर कार्यकर्ता भड़क उठे। उन्होंने पुलिस अफसरों पर अव्यवहारिक तरीके से रोकटोक किए जाने का आरोप लगाते हुए वहीं पर प्रदर्शन करके अपना विरोध जताया। यह अलग बात रही कि प्रदर्शन में शामिल कार्यकर्ताओं के धरना स्थल पहुंचने के कुछ देर बाद ही जिलाध्यक्ष महेंद्र पाल सिंह ने एडीएम प्रशासन उपाध्याय से हुई संतोषजनक वार्ता का हवाला देते हुए अनशन समाप्त करने की घोषणा कर दी। इस मौके पर जिला महासचिव राशिराम वर्मा ने कहा कि नियत समय सीमा तक मांगों पर कार्यवाही नहीं होने की दशा में दोबारा आंदोलन छेड़ दिया जाएगा।