मंडियों में धान खरीद के नाम पर किसानों से हो रही लूट और खेती-किसानी से जुड़ी अन्य समस्याओं की अनदेखी पर भारतीय किसान यूनियन अजीत गुट के कार्यकर्ताओं ने बुधवार को तीखे तेवर अपना लिए। कचहरी के पास दिल्ली-पलिया स्टेट हाईवे जाम करने का इरादा करके कलक्ट्रेट पहुंचे कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की। हालांकि, अधिकारियों के मनाने पर कार्यकर्ताओं ने रोड जाम करने का इरादा छोड़ दिया।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं का नेतृत्व कर रहे जिलाध्यक्ष अजीत सिंह ने कहा कि धान की मंडियों में आवक बढ़ने लगी है। इसके बावजूद किसानों को गल्ला आढ़ती केवल 900 से 1000 रुपये प्रति क्विंटल का रेट दे रहे हैं। जबकि सरकार समर्थन मूल्य पर धान खरीद करने की बात कर रही है। पंचायत चुनाव कराने में डूबे प्रशासन को किसानों की कोई परवाह नहीं है। इसीलिए अभी तक धान की कायदे से शुरू नहीं हो सकी।
किसानों की समस्याओं का समाधान कराने के लिए कार्यकर्ताओं ने कचहरी तिराहे पर पहुंचकर हाईवे जाम करने को कहा। इसी बीच वहां सिटी मजिस्ट्रेट नरेंद्र सिंह और एएसपी सिटी राजेश कुमार कलक्ट्रेट पहुंच गए। दोनों अधिकारियों ने भाकियू नेता से ज्ञापन लेकर आश्वस्त किया कि धान की सरकारी खरीद जल्द सुचारु कराने के साथ रबी सीजन में हुए फसली नुकसान का मुआवजा पाने से वंचित लोगों को आर्थिक सहायता दिलाई जाएगी। प्रदर्शन में रामप्रताप सिंह वर्मा, उदयवीर सिंह यादव, रामशंकर मिश्रा, राहत अली, खजान सिंह, सरवन सिंह, ऊदल सिंह, दलजीत सिंह, रामसेवक वर्मा, जीत सिंह आदि शामिल रहे।