शाहजहांपुर। अभूतपूर्व प्रदर्शन करते हुए भाजपा ने जिले में सभी छह सीटों पर कब्जा किया है। शानदार प्रदर्शन का लाभ कैबिनेट मंत्री सुरेश कुुमार खन्ना और जितिन प्रसाद को मिलना तय माना जा रहा है। कैबिनेट मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने लगातार नौंवी जीत हासिल की है जबकि जितिन ने सभी विधानसभा क्षेत्रों में लगातार दौरे और सभाएं कर प्रत्याशियों के पक्ष में माहौल बनाया।
पहली बार जिले से एक साथ प्रदेश सरकार में दो कैबिनेट मंत्री बनाए गए थे। भाजपा के कद्दावर नेता सुरेश कुमार खन्ना संसदीय कार्य, वित्त एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री होने के साथ ही नगर प्रत्याशी भी थे। लगातार नौंवी बार विधानसभा चुनाव जीतने वाले सुरेश खन्ना ने अन्य विधानसभा क्षेत्रों में भी भाजपा प्रत्याशी जिताने के लिए जोर लगाए रखा। वहीं, कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आने वाले जितिन प्रसाद को पार्टी ने एमएलसी बनाने के साथ ही कैबिनेट मंत्री का पद भी दे दिया था।
ब्राह्मण चेहरे के तौर पर जितिन प्रसाद ने पूरे प्रदेश में भाजपा के पक्ष में प्रचार किया। भाजपा से नाराज बताए जा रहे ब्राह्मण समाज को पक्ष में लामबंद किया। जिले की छह विधानसभा सीट में जितिन ने लगातार दौरे कर मतदाताओं को प्रत्याशियों के पक्ष में लामबंद किया।
खासतौर पर ददरौल विधानसभा सीट पर मानवेंद्र सिंह के पक्ष में जितिन ने खासा जोर लगाया। ब्राह्मण बाहुल्य पुवायां सुरक्षित सीट पर जितिन ने अपनी ताकत झोंकी। इसका फायदा भाजपा को मिला। शुक्रवार को सुरेश खन्ना को जीत की बधाई देने के लिए जितिन प्रसाद उनके आवास पर पहुंचे। बुके भेंट कर शुभकामनाएं दीं। इस दौरान कौशल मिश्रा, विश्वदीप अवस्थी आदि साथ रहे।
मिथलेश, जेपीएस राठौर और सुरेंद्र वाल्मीकि का भी रहा असर
भाजपा ने शाहजहांपुर में दिल खोलकर पद बांटे थे। दो कैबिनेट मंत्री के साथ ही प्रदेश महामंत्री जेपीएस राठौर को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का अध्यक्ष, मिथलेश कुमार को एससीएसटी आयोग का उपाध्यक्ष और सुरेंद्र वाल्मीकि को राज्य सफाई कर्मचारी आयोग का अध्यक्ष बनाया था। इन सभी लोगों ने मिलकर पार्टी प्रत्याशियों को जिताने में भूमिका अदा की।
जयेश ने लगाया जोर, जिता नहीं सके प्रत्याशी
कैबिनेट मंत्री जितिन प्रसाद के चचेरे भाई जयेश प्रसाद पहले भाजपा में थे। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के दौरान पार्टी से उन्हें बाहर कर दिया गया था। जयेश प्रसाद ने चुनाव से पहले अपने आवास पर सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के सामने पार्टी की सदस्यता ली थी। जयेश प्रसाद ने सपा के प्रत्याशियों के पक्ष में माहौल बनाने के लिए काफी प्रयास किया, लेकिन वह नाकाफी साबित हुआ। खासतौर पर नगर और पुवायां सीट पर जयेश ने जमकर प्रचार किया था, मगर परिणाम विपरीत आए।