जिला अस्पताल में भ्रष्टाचार और लापरवाही के चलते नवजात और प्रसूता की मौत हो जाने के बावजूद निलंबित सीएसएस और डॉक्टर समेत अन्य दोषी स्टाफ को हटाए जाने पर भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के कार्यकर्ताओं का धैर्य शुक्रवार को जवाब दे गया। उन्होंने खिरनीबाग चौराहे पर सीएमओ का पुतला फूंका और विरोध में जमकर नारेबाजी की।
भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के जिलाध्यक्ष फिरासत अली खां ने कहा कि दिलाजाक निवासी गीता के घरवालों से महिला अस्पताल में प्रसव के लिए मांगी गई धनराशि नहीं मिलने पर स्टाफ ने पहले नवजात को गर्दन काटकर मार दिया। इसके बाद प्रसूता की हालत बिगड़ने पर एक नर्सिंग होम में उसकी मौत हो गई। शासन-प्रशासन ने केवल डॉक्टरों को सस्पेंड करके अपनी जवाबदेही से बचने की कोशिश की है।
नगर अध्यक्ष गुफरान खां ने कहा कि निलंबित किए गए अस्पताल स्टाफ को कुछ दिन बाद बहाल करने की योजना बनाई गई है। इसीलिए महिला अस्पताल के सीएमएस और सर्जन को अभी तक कार्यमुक्त नहीं किया गया। कार्यकर्ताओं ने इस प्रकरण में दोषियों के खिलाफ डबल मर्डर का केस दर्ज किए जाने के साथ पीड़ित परिवार को कम से कम दस लाख रुपये मुआवजा देने की शासन से मांग की है। इस मौके पर मो. शारिक खां, सलाउद्दीन अंसारी, नाजमा खानम, अंजुम, जुल्फिकार अली खां, मो. हनीफ खां आदि शामिल रहे।