कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला बिजलीपुरा में पांच दिन पहले दो पक्षों में विवाद के दौरान टेंट व्यवसायी शिवराज सिंह राठौर उर्फ गट्टू पर हुए जानलेवा हमले के आरोपियों को गिरफ्तारी न होने पर बुधवार को भाजपाइयों ने कलक्ट्रेट गेट पर धरना-प्रदर्शन करके जाम लगा दिया। इस दौरान सिटी मजिस्ट्रेट से नेताओं की नोकझोंक भी हुई। गिरफ्तारी का आश्वासन मिलने के बाद उनका गुस्सा शांत हुआ।
मोहल्ला बिजलीपुरा निवासी टेंट व्यवसायी शिवराज के बेटे पवन की शुक्रवार को मोहल्ले के ही मुन्ना, शकील और शानू ने पिटाई कर दी थी। किसी तरह से पवन हमलावरों के चंगुल से छूटकर घर पहुंचा और पिता शिवराज को अपने साथ हुइ घटना की जानकारी दी थी। इस पर शिवराज परिवार के लोगों साथ जैसे ही मुन्ना के घर पर पहुंचे आरोपियों ने पथराव और फायरिंग शुरू कर दी थी। हमले में शिवराज पेट में गोली लगने से घायल हो गए थे। मामले में मुन्ना, शकील और शानू को जानलेवा हमले के आरोप में नामजद किया गया था। पुलिस ने आरोपी शानू को पकड़कर जेल भेज दिया था। बाकी आरोपी अब तक गिरफ्तार नहीं हुए।
बुधवार को भाजपा जिलाध्यक्ष वीरेंद्रपाल सिंह यादव के नेतृत्व में पीड़ित परिवार के लोग और पार्टी कार्यकर्र्ता कलक्ट्रेट पहुंचे। वहां भाजपाइयों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया। इसके बाद उन्होंने कलक्ट्रेट गेट पर जाम लगाकर पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। इसी बीच ज्ञापन लेने आए सिटी मजिस्ट्रेट एपी श्रीवास्तव से वीरेंद्रपाल सिंह यादव और नगर अध्यक्ष अनिल वाजपेयी (वाण) की नोकझोंक हो गई। सीओ सिटी डॉ. कृष्णगोपाल यादव और सिटी मस्जिट्रेट ने आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया और तब तक मोहल्ले में पुलिस बल तैनात रखने का भरोसा दिलाया। इसके बाद धरना-प्रदर्शन खत्म हुआ। इस दौरान पंकेश मिश्रा, शोभित शुक्ला, अशर्फी सिंह, अरुण शुक्ला, रामेश्वर दयाल, आशीष मिश्रा, मुकेश राठौर, ओमकार सक्सेना समेत बिजलीपुरा मोहल्ले के सैकड़ों लोग मौजूद थे।