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गांव मोहनपुर में गौरेया और बेला में कौए की मौत

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मोहनपुर में गौरेया के शव को सील करते पशु पालन विभाग के कर्मचारी। संवाद - फोटो : POWAYAN
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खुटार। कुछ दिनों से क्षेत्र में लगातार पक्षियों के शव मिल रहे हैं। पशु विभाग की टीम शव को सील कर जांच के लिए भेज रही है। अभी तक किसी भी मामले में बर्ड फ्लू की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन पक्षियों की मौत की वजह भी स्पष्ट नहीं हो पा रही है। अब गांव मोहनपुर में एक गौरेया और बेला में एक कौए का शव मिला है।
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गांव मोहनपुर में लालाराम वर्मा के मकान के पास एक गौरेया को मृत पड़ा देख लोगों ने मामले की जानकारी खुटार पशु अस्पताल के प्रभारी को दी। सूचना पर फार्मासिस्ट मनोज कुमार, वैक्सीनेटर अभिषेक मिश्रा, सहायक अरुण कुमार गांव पहुंचे और गौरेया के शव को सील किया। उधर गांव बेला में एक कौआ मृत पड़ा मिला। गांव के रामनरेश शुक्ला ने बताया कि बृहस्पतिवार सुबह घर के बाहर पेड़ के नीचे एक कौए का शव पड़ा मिला। फार्मासिस्ट मनोज कुमार ने बताया कि क्षेत्र में मृत मिले पक्षियों को पुवायां के पशु अस्पताल भेजा जाता है और वहां से पक्षियों के शव भोपाल भेजे जाते हैं। अभी तक किसी भी पक्षी में बर्ड फ्लू के लक्षण नहीं मिले हैं। पक्षियों की मौत ठंड आदि से हो रही है। ज्यादा जानकारी रिपोर्ट आने पर ही हो सकेगी।
पशु अस्पताल के प्रभारी और फार्मासिस्ट को जारी किया गया नोटिस
खुटार। पक्षियों की मौत के बाद उनके शव को सील करने में लापरवाही बरतने में सीवीओ ने खुटार के पशु अस्पताल के प्रभारी और फार्मासिस्ट को नोटिस जारी किया है।
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वर्ड फ्लू फैलने की आशंका के तहत जांच और सावधानी बरतने के लिए सीवीओ ने पशुपालन विभाग के अधिकारियों की टीमों का गठन किया था। टीमों को निर्देश दिए गए थे कि जिले में पक्षियों की मौत की सूचना मिलने पर उनको सील कर जांच को भेजा जाए और मुर्गी फार्म आदि का निरीक्षण भी किया जाए। बंडा और खुटार में कई पक्षियों की मौत के मामले में डॉक्टर और फार्मासिस्ट ने मौके पर नहीं पहुंचकर वैक्सीनेटर आदि को भेज दिया।
सीवीओ ने इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए खुटार पशु अस्पताल के कार्यवाहक प्रभारी डॉ. रविंद्र कुमार, फार्मासिस्ट मनोज कुमार को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। नोटिस में कहा गया है कि लापवाही बरतने पर क्यों ने उनका तीन दिन का वेतन काट लिया जाए। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी आरवी सिंह ने बताया कि डॉक्टर और फार्मासिस्ट को पक्षियों की मौत की सूचना फोन पर देने के बाद भी वह खुद मौके पर नहीं गए। इस कारण वेतन काटने का नोटिस जारी किया गया है।
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