सुबह-शाम छाए रहने वाले घने कोहरे और बेमौसम बूंदाबांदी से नमी बढ़ी तो शहर
के बिजली नेटवर्क पर भी शार्ट सर्किट का साया गहराने लगा। पिछले दस दिन
में 22 स्थानों पर नम तार आपस में टकराने, केबल बाक्स में पानी चला जाने और
पैनल प्वॉइंट पर स्पार्किंग की करीब दो दर्जन शिकायतें सामने आईं। इनकी
वजह से शहरी बाशिंदे सप्लाई के घंटों में भी बिजली संकट सहने को मजबूर हैं।
सर्दियों
में पंखे, कूलर, फ्रिज, एसी आदि कम चलने से बिजली की मांग घट जाती है। इस
कारण ठंड के शुरुआती दौर में ओवरलोडिंग से होने वाले बिजली फाल्ट कम होने
के साथ बिजली सप्लाई में भी सुधार दिखने लगता है। बीते नवंबर में दिवाली से
बेहतर बिजली मिलने लगी।
हालांकि, इस बीच अपवाद के तौर पर नेटवर्क की
खराबियों से सप्लाई में व्यवधान पड़ा, लेकिन जब से घने कोहरे का दौर शुरू
हुआ, सप्लाई गड़बड़ाने लगी।
इसकी शुरुआत पांच दिसंबर से हुई। घने कोहरे
केकारण पैना सब स्टेशन से निकली बहादुरगंज की 33 केवी लाइन के तार ओस से
भीगे तो इंसुलेटर से रिसे पानी से गदियाना के पास लाइन में आग लग गई।
पेट्रोलिंग को निकली टीम मौके पर पहुंची तो फाल्ट की वजह शार्ट सर्किट पाई
गई।
मामूली वजह से आई खराबी को दूर करने में करीब चार घंटे लग गए। तब से
शायद ही कोई दिन ऐसा गया होगा जब शहरी बिजली नेटवर्क मौसम के बिगड़ैल तेवर
से प्रभावित न हुआ हो।
शार्ट सर्किट से प्रभावित शहरी बिजली लाइनें
-पैना से निकलीं बहादुरगंज और ककरा की 33 केवी लाइनें।
-अब्दुल्लागंज सब स्टेशन से बाला तिराही जाने वाली 11 केवी लाइन।
-बिजलीपुरा में मिशन तिराहे के पास वाली 11 केवी लाइन।
-पैना से हथौड़ा के लिए वाया रोजा निकली 33 केवी लाइन।
-रोजा के अहमदपुर रेती फीडर वाली 11 केवी लाइन।
-ककरा कलां के हद्दफ फीडर की मामुड़ी वाली 11 केवी लाइन।
-तारीन टिकली नई कालोनी को बिजली देने वाली मल्हार मोड़ की 11 केवी लाइन।
-हथौड़ा सब स्टेशन के लोधीपुर फीडर वाली 11 केवी लाइन।
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माहौल में नमी एक प्राकृतिक समस्या
‘वातावरण
में नमी बढ़ने के कारण बिजली नेटवर्क पर शार्ट सर्किट की शिकायतें बढ़ गई
हैं, लेकिन यह एक प्राकृतिक समस्या है। कोशिश की जा रही है कि खुले तारों
वाली लाइनों के तार पोल पर इंसुलेटर के साथ कसकर बांधे जाएं। शार्ट सर्किट
से बिजली सप्लाई में रुकावट को दूर करने के लिए 33 केवी लाइनों की
पेट्रोलिंग कराई जा रही है।’
-इंद्रराज यादव, एसडीओ सिटी, पॉवर कारपोरेशन