जिले के सभी खंड शिक्षा अधिकारियों (बीईओ) के हड़ताल पर चले जाने की वजह से बेसिक शिक्षा परिषद के अधिकांश कार्य ठप हो गए हैं। बीएसए भी यह बात स्वीकार कर रहे हैं कि शासन के निर्देशों के अनुसार होने वाले तमाम कार्य हड़ताल की वजह से अटक जाएंगे। हालांकि इस संबंध में बीएसए कुछ भी कहने से बच रहे हैं। खंड शिक्षा अधिकारियों के हड़ताल से ये काम प्रभावित होंगे।
शिक्षामित्रों का समायोजन
दूसरे बैच के 2145 शिक्षामित्रों का शिक्षक पदों पर समायोजन किया जाना है। जिले में करीब नौ सौ पद रिक्त हैं, जिन पर शिक्षामित्रों का समायोजन होना है। हड़ताल होने से यह भी प्रभावित होगा।
शिक्षकों का प्रमोशन
जिले में 582 शिक्षकों का प्रमोशन किया जाना है। इसमें 286 शिक्षकों की काउंसिलिंग की जा चुकी है। इस काम को आगे बढ़ाने के काम में खंड शिक्षा अधिकारी ही लगे थे। इससे प्रमोशन का काम भी प्रभावित होगा।
शिक्षण कार्य होगा प्रभावित
परिषदीय विद्यालयों में शिक्षण कार्य भी प्रभावित होगा। शिक्षकों के विभिन्न अवकाश स्वीकृत नहीं हो सकेंगे। विद्यालयों में निरीक्षण न होने के डर से मिड डे मील एवं अन्य कई योजनाएं भी प्रभावित होंगी।
प्रशिक्षु शिक्षकों के प्रशिक्षण पर पड़ेगा फर्क
खंड शिक्षा अधिकारियों की हड़ताल का फर्क प्रशिक्षु शिक्षकों के प्रशिक्षण पर भी पड़ेगा। विद्यालयों में गुणवत्ता परक ढंग से प्रशिक्षण कार्य कर रहे प्रशिक्षु शिक्षकों की नियमित रूप से जांच नहीं हो सकेगी। साथ ही डायट में होने वाले प्रशिक्षण की तैयारियों में भी देरी होगी।
शिक्षकों और शिक्षामित्रों
के वेतन में होगी देरी
शिक्षकों, शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के वेतन भुगतान में देरी होगी। शिक्षामित्रों और अनुदेशकों की उपस्थिति प्रमाणित करने के बाद ही सर्व शिक्षा अभियान की ओर से उन लोगों को भुगतान किया जाता है।