गेहूं, गन्ना, धान आदि फसलों का समर्थन मूल्य बढ़ाए जाने सहित किसान हित की अन्य कई मांगों को लेकर दिए गए ज्ञापनों पर कोई सुनवाई नहीं होते देख भारतीय किसान यूनियन भानु गुट के राष्ट्रीय आह्वान पर यूनियन कार्यकर्ताओं ने रविवार को दोपहर पंचायत करने के बाद गोविंदगंज क्रासिंग के रेलवे ट्रैक पर डेरा जमा लिया। इस दौरान उन्होंने बरेली से लखनऊ दिशा को जा रही 12588 डाउन अमरनाथ एक्सप्रेस को करीब 20 मिनट तक रोके रखा। इसी बीच, रोजा से बरेली की ओर जा रही एक मालगाड़ी भी कार्यकर्ताओं ने रोक ली। जानकारी पाकर मौके पर पहुंचे प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों ने भाकियू कार्यकर्ताओं को समझाकर रेल यातायात बहाल कराया।
भाकियू भानु के प्रांतीय नेतृत्व ने किसान हित की मांगों को लेकर सभी जिला इकाइयों को पंचायत और धरना-प्रदर्शन करने के निर्देश दिए थे। यूनियन के कार्यकर्ता भी केवल पंचायत और धरना-प्रदर्शन के इरादे से रविवार को सुबह पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस परिसर में जमा हुए। इसी कार्यक्रम के तहत यूनियन के जिलाध्यक्ष महेंद्र पाल सिंह यादव ने पंचायत शुरू कराई। पंचायत में कई वक्ताओं ने संबोधन देकर किसानों की उपेक्षा करने के मुद्दे पर केंद्र और प्रदेश सरकार को आड़े हाथों लिया। यूनियन के पदाधिकारियों ने वहीं पर डीएम को ज्ञापन देकर धरना-प्रदर्शन समाप्त करने की योजना बनाई।
इसलिए भड़क उठा कार्यकर्ताओं का गुस्सा
करीब तीन घंटे तक पंचायत की कार्यवाही चलने के बाद यूनियन के पदाधिकारियों से ज्ञापन लेने के लिए सिटी मजिस्ट्रेट विजय शंकर दुबे पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस पहुंचे। उन्होंने यूनियन की ओर से ज्ञापन लेकर मांगों पर वार्ता करनी चाही, लेकिन कार्यकर्ता ज्ञापन देने के लिए डीएम राम गणेश को बुलाए जाने की मांग पर अड़ गए। सिटी मजिस्ट्रेट ने डीएम की व्यस्तता का हवाला देकर उनके आ सकने में असमर्थता व्यक्त की। इसी बात से नाराज होकर जिलाध्यक्ष यादव समेत महामंत्री राशिराम वर्मा, उपाध्यक्ष महेंद्र पाल सिंह, श्याम किशोर अगिभनहोत्री आदि ने रेल रोको आंदोलन की घोषणा कर दी।
कार्यकर्ताओं के तेवर देख अफसरों के पसीने छूटे
गुस्साए भाकियू कार्यकर्ताओं के हुजूम ने पदाधिकारियों के ऐलान पर अमल करते हुए गोविंदगंज रेलवे क्रासिंग की ओर कूच किया तो पंचायत में शांति व्यवस्था के लिए मौजूद पुलिस अफसरों को उन्हें समझाने में पसीने छूटने लगे। नारेबाजी करते हुए कार्यकर्ता गोविंदगंज रेलवे फाटक पर जा पहुंचे। उन्हें फालो करते हुए पुलिस फोर्स भी वहां पहुंच गई, लेकिन कार्यकर्ताओं ने किसी की नहीं सुनी और रेलवे ट्रैक पर बैठकर नारेबाजी शुरू कर दी।
ट्रेन और मालगाड़ी के रुकते ही रेल अफसरों में हड़कंप
रेलवे ट्रैक पर कार्यकर्ताओं को नारेबाजी करते कुछ समय ही बीता होगा कि दोपहर दो बजे जम्मू तवी से चलकर गोरखपुर तक जाने वाली अमरनाथ एक्सप्रेस के चालक ने ट्रैक पर भीड़ देखकर ट्रेन रोक दी। यही नहीं, कुछ मिनट बाद रोजा से बरेली की ओर जा रही मालगाड़ी के चालक को भी क्रासिंग पर ब्रेक लगाने पड़ गए। ट्रेन चालक से मिली सूचना के आधार पर गार्ड ने वॉकी-टॉकी से स्टेशन मास्टर को ट्रेन रोकने की सूचना दी। एसएम ने मुरादाबाद कंट्रोल को मैसेज दिया तो मंडलीय रेल अफसरों में हड़कंप मच गया। डीआरएम प्रमोद कुमार के निर्देश पर मुरादाबाद से आरपीएफ के अधिकारी राकेश राना ने स्थानीय रेल अधिकारियों से वस्तु स्थिति का जायजा लिया।
उत्तेजित कार्यकर्ताओं को एडीएम ने मनाया
मौके पर पहुंचे एडीएम मुनेंद्र नाथ उपाध्याय ने भाकियू के पदाधिकारियों से वार्ता कर उनका ज्ञापन लिया। साथ ही मांगें निस्तारित कराने का आश्वासन देकर उत्तेजित कार्यकर्ताओं को यह कहकर मनाया कि जनहित की मांगों को लेकर ट्रेन पर सवार जनता को परेशानी में नहीं डालें। एडीएम के नरम रुख को देखते कार्यकर्ताओं ने धरना समाप्त कर दिया। प्रदर्शन में महेश चंद्र वर्मा, रामनरेश यादव, वीरपाल, सोमपाल यादव, महिला प्रकोष्ठ की जिलाध्यक्ष बिंदु सिंह यादव आदि पदाधिकारियों ने विभिन्न स्थानों से आए कार्यकर्ताओं का नेतृत्व किया।