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बरसात की भेंट चढ़ा दीक्षांत समारोह

Sun, 01 Mar 2015 11:12 PM IST
शाहजहांपुर
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एसएस कॉलेज में रविवार को होने वाला दीक्षांत समारोह बारिश की भेंट चढ़ गया। शनिवार की रात से शुरू हुई बरसात रविवार को भी नहीं रुकी, जिस कारण राज्यपाल राम नाइक लखनऊ से समारोह में नहीं पहुंच सके और काफी प्रतीक्षा के बाद जब लखनऊ से उनके नहीं पहुंचने का समाचार यहां पहुंचा तो आयोजक निराश हो गए और समारोह स्थगित करने की घोषणा महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. अवनीश मिश्र ने मंच से जारी कर दी। उन्होंने बताया कि खराब मौसम की वजह से राज्यपाल का हेलीकॉप्टर नहीं उड़ सका, जिस कारण समारोह स्थगित किया गया है, शीघ्र ही नई तिथि लेकर समारोह आयोजित किया जाएगा।
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बता दें कि एसएस कॉलेज के स्वर्ण जयंती महोत्सव के अंतर्गत पहली मार्च को दीक्षांत समारोह निर्धारित किया गया था। मुख्य अतिथि के रूप में राज्यपाल राम नाइक और विशिष्ट अतिथि के रूप में शिमला विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर एडीएन वाजपेयी और एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर मुशाहिद हुसैन को आमंत्रित किया गया था। विशिष्ट अतिथि द्वय तो समारोह में शामिल होने के लिए पहुंच गए, लेकिन मुख्य अतिथि नहीं आ सके। उधर, राज्यपाल के आगमन को लेकर महाविद्यालय प्रशासन, जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन की तैयारियां भी जोरशोर से चल रही थीं। रात से ही अधिकारी और कॉलेज स्टाफ के सदस्य तैयारियों तथा उनके स्वागत-सत्कार की रूपरेखा तथा सुरक्षा व्यवस्था के लिए विचार-विमर्श करते रहे।
दैवी संपद इंटर कॉलेज में हेलीपैड बनाया गया था, वहीं एसएस कॉलेज के खेल मैदान में दीक्षांत समारोह के लिए भव्य पांडाल तैयार किया गया, लेकिन बरसात ने पांडाल तहस-नहस कर दिया। सुबह डीएम-एसपी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी और एलआईयू टीम मुस्तैद हो गई। वहीं डिग्री लेने वाले छात्र-छात्राएं और शिक्षक-शिक्षिकाएं भी उम्मीद में पारंपरिक गाउन पहनकर तैयार हो गए, लेकिन कार्यक्रम स्थगन की घोषणा से उन्हें घोर निराशा हुई।
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वन विभाग ने कटवा दिए हरे-भरे पेड़
दैवी संपद इंटर कॉलेज में राज्यपाल के हेलीकॉप्टर को उतरना था, इसलिए हेलीपैड बनाने तथा हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतारने के लिए मैदान के किनारे लगे यूकेलिप्टस के हरे-भरे पेड़ प्रशासन ने वन विभाग से कटवा दिए।

सेल्फी के साथ खूब चला फोटोसेशन
दीक्षांत समारोह में राज्यपाल के हाथों डिग्री लेने के लिए तैयार हो रहे छात्र-छात्राओं तथा शिक्षक-शिक्षिकाओं ने जमकर फोटो खिंचवाए। डिग्री लेने के समय पहनी जाने वाली परंपरागत पोशाक में सजे-धजे विद्यार्थियों की खुशी देखते ही बनती थी। कुछ छात्राएं तो मोबाइल में सेल्फी बनाने में जुटी थीं, तो कुछ ग्रुपिंग में मस्त थे। समारोह स्थगित होने की सूचना के बाद विद्यार्थियों ने अपने गुरुजनों के साथ खूब ग्रुपिंग कराई।

बरसात ने आयोजकों के करे-धरे पर पानी फेर दिया। चूंकि दीक्षांत महोत्सव कॉलेज के खेल मैदान में लगे भव्य पांडाल में होना था, बरसात के कारण आनन-फानन में यह समारोह स्वामी शुकदेवानंद स्मृति सभागार में करने का निर्णय ले लिया और उसी में तैयारियां शुरू कर दीं। डिग्री लेने वाले और सम्मानित होने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को सीटें आवंटित कर दी गईं। इधर, मैदान में पानी भर जाने और बरसात से तरबतर खड़ा पांडाल आयोजकों का मुंह चिढ़ाता नजर आया।

अतिथि छात्रावास में की प्रतीक्षा
बाहर बरसात रुकने का नाम नहीं ले रही थी और ऐसे में मुमुक्षु आश्रम के मुख्य अधिष्ठाता स्वामी चिन्मयानंद आयोजन स्थल के समीप ही बने अतिथि छात्रावास में विशिष्ट अतिथियों और प्र्रशासनिक तथा पुलिस अधिकारियों संग बैठे राज्यपाल के आने की प्रतीक्षा कर रहे थे। बरसात के साथ ही उनके माथे पर आड़ी-तिरछी रेखाएं भी बढ़ती जा रही थीं। जब राज्यपाल के नहीं पहुंच पाने की सूचना अधिकारिक तौर पर मिल गई, तभी प्रतीक्षारत लोग वहां से मायूस होकर लौटे।

लंच व्यवस्था भी धरी रह गई
अतिथि छात्रावास के प्रथम तल पर बने आधुनिक डायनिंग हाल में राज्यपाल तथा अन्य अतिथियों के लिए भोजन का प्रबंध किया गया था। मेजों पर चमचमाती थाली-कटोरी रखीं थी, वहीं रसोईघर में स्वादिष्ट व्यंजन सुगंध बिखेर रहे थे, लेकिन राज्यपाल के नहीं आने से सब कुछ धरा रह गया। बाद में विशिष्ट अतिथियों और आयोजकों ने इन व्यंजनों का आनंद लिया।

यह गड़बड़ तो शुरू से ही रही
इस बार एसएस कॉलेज के समारोह में शुरू से ही गड़बड़ रही। बजट सत्र चलने के कारण पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी, लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन समेत अन्य राजनीतिक हस्तियां समारोह में नहीं पहुंच सकीं। हालांकि पहले उन्होंने आने की स्वीकृति दे दी थी, लेकिन बाद में अपनी स्वीकृति निरस्त करनी पड़ी। इसी कड़ी में रविवार को बरसात ने राज्यपाल को आने से रोक दिया।
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