रिकाॅर्ड खंगाल रहे अधिकारी, मानचित्र के विपरीत कराए गए निर्माण को चिह्नित कर रहा बीडीए
बरेली। शहर में बवाल के आरोपियों के मकान, मार्केट व बरातघर जिला प्रशासन के रडार पर हैं। अधिकारी उनको रिकॉर्ड खंगाल रहे हैं। बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) मानचित्र के विपरीत कराए गए निर्माण को चिह्नित कर रहा है। दशहरे के बाद उनको सील किया जा सकता है। अब तक गिरफ्तार हुए 82 आरोपियों और उनकी सौ से अधिक संपत्तियों की सूची अधिकारियों के पास है। इसी सूची के आधार पर आरोपियों के आवासीय भवन, मार्केट और बरातघर आदि की लोकेशन खंगाली जा रही है।
पुलिस से मिली सूची के आधार पर बीडीए ने आरोपियों और उनके मददगारों की सौ से अधिक संपत्तियों को चिह्नित किया है। मौके पर कराए गए निर्माण का मानचित्र से मिलान कराया जाएगा। मानचित्र की शर्तों का उल्लंघन या कोई अन्य कमी पाए जाने पर पहले स्थल को सील करेंगे, फिर नोटिस देकर संबंधित का पक्ष सुनेंगे। अवैध निर्माण की पुष्टि हुई तो बीडीए उसके ध्वस्तीकरण की कार्रवाई कर सकेगा। बीडीए की टीमें इसके लिए रिकाॅर्ड के साथ स्थलीय सर्वेक्षण कर रही हैं। कुछ भवनों पर नोटिस चस्पा किए हैं। कुछ भवन ऐसे भी हैं जो बिना नक्शा पास कराए बना दिए गए। बीडीए उपाध्यक्ष मनिकंडन ए पहले ही कह चुके हैं कि बवाल के आरोपियों पर बीडीए ने भी कार्रवाई शुरू कर दी है। इसके लिए डिटेल स्टडी की जा रही है। विधिक पक्ष का भी आकलन किया जा रहा है।
इधर, मौलाना तौकीर के साथ जेल भेजे गए फरहत की पत्नी खुशनसीब ने बुधवार को मीडिया के जरिये मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि उसका घर न तोड़ा जाए। उसने पति फरहत व बेटे मोइन को निर्दोष बताया। बता दें कि बवाल से पहले बृहस्पतिवार की रात मौलाना तौकीर फरहत के फाइक एन्क्लेव स्थित घर पर रुका था। पुलिस ने वहीं से मौलाना तौकीर व फरहत को गिरफ्तार किया था। ब्यूरो