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Shahjahanpur News: बैंकों ने बनाया आत्मनिर्भर, सशक्त होकर दूसरों को दिया रोजगार

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शाहजहांपुर में पेपर बैग बनाने वाले पुरू मोहन। संवाद
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शाहजहांपुर। 19 जुलाई को राष्ट्रीयकृत बैकिंग दिवस मनाया जाएगा। बैंकों ने सिर्फ लोगों को बचत करने की आदत ही नहीं डलवाई, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का रास्ता भी दिखाया। लोगों ने विभिन्न योजनाओं के तहत आवेदन करते हुए बैंकों से ऋण प्राप्त करने के बाद खुद का कारोबार शुरू कर दिया। वह खुद आत्मनिर्भर बने, साथ ही दूसरों को रोजगार भी दिया।
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25 लाख का ऋण लेकर बने आत्मनिर्भर, दूसरों को दिया रोजगार
शहर के मोहल्ला चमकनी करबला निवासी रचना मोहन ने वर्ष 2022 में 25 लाख रुपये का ऋण लिया था। धनराशि से उनके बेटे पुरू मोहन ने पेपर बैग बनाने का कारोबार शुरू किया। उनके बनाए पेपर बैग जिले के अलावा बरेली, लखीमपुर, हरदोई तक जाते हैं। उनकी महीने का टर्नओवर करीब चार लाख रुपये है। उनके पेपर बैग इंडिया मार्ट में भी पसंद किए जाते हैं। पुरू मोहन बताते हैं कि उद्योग केंद्र से प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत उन्हें 25 प्रतिशत तक अनुदान मिलने से कारोबार में काफी फायदा हुआ। उनके साथ 15 से 20 लोगों को रोजगार मिला है।

गाय के गोबर से शुरू किया प्राकृतिक पेंट बनाने का कारोबार
निगोही के पलिया के रहने वाले आईटीआई उत्तीर्ण विक्रमजीत सिंह ने गाय के गोबर से पेंट बनाने का कारोबार शुरू किया। प्राकृतिक पेंट विभिन्न ब्रांडों को चुनौती देता है। प्लांट लगाने के लिए उन्होंने खादी ग्रामोद्योग विभाग में आवेदन किया था। वर्ष 2022 में उनका ऋण स्वीकृत हुआ। तब उन्होंने अहमदाबाद से मशीनें खरीदीं और प्लांट लगाकर कार्य शुरू कर दिया। ग्रामोद्योग विभाग से दस लाख के ऋण की स्वीकृति मिली थी। विभाग से इन्हें साढ़े तीन लाख रुपये का अनुदान मिला था। विक्रमजीत सिंह बताते हैं कि गाय के गोबर से निर्मित प्राकृतिक पेट लोगों को खूब पसंद आ रहा है। वह दो रुपये किग्रा के हिसाब से गोबर खरीदते हैं।
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पहले करते थे नौकरी, ऋण लेकर खुद बने मालिक
तिलहर के रहने वाले दीपू गंगवार पूर्व में मुरादाबाद की एक बेकरी में नौकरी करते थे। उन्हें यहां बेकरी शुरू करनी थी, लेकिन बजट का रोड़ा अटक रहा था। तब उद्यान विभाग में बेकरी का प्रोजेक्ट शुरू करने को 30 लाख का आवेदन कर दिया। उनका 13 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत हो गया। उन्होंने मशीनों को खरीदकर रोजगार शुरू कर दिया। कस्बे में बैंक ऑफ बड़ौदा के सामने बिस्किट, ब्रेड, केक, फास्ट फूड आदि का बड़ा कारोबार कर लिया है। वह अपने साथ करीब 15 लोगों को जोड़े हैं।

शाहजहांपुर में पेपर बैग बनाने वाले पुरू मोहन। संवाद

शाहजहांपुर में पेपर बैग बनाने वाले पुरू मोहन। संवाद

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