शाहजहांपुर/तिलहर। लखनऊ-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग को फोरलेन बनाने में आड़े आ रहे कछियानी खेड़ा के हनुमान मंदिर को अब अत्याधुनिक तकनीक से हाईवे पर पीछे की ओर खिसकाया जाएगा। इसके लिए एनएचएआई ने एक कंपनी से अनुबंध कर लिया है। इंजीनियर मशीनों और जैक के माध्यम से पूरे मंदिर परिसर को इस तरह हटाएंगे कि मंदिर और वहां लगे विशाल वृक्ष का मूलस्वरूप यथावत बना रहे। करीब दो माह में पूरा होने वाला काम शुक्रवार से शुरू होने की उम्मीद है।
कछियानी खेड़ा के हनुमान मंदिर से हजारों श्रद्धालुओं की आस्था जुड़ी है। इसीलिए कई वर्ष से वहां हाईवे को फोरलेन बनाने का काम अटका है। जब कभी इस पर काम शुरू कराने का प्रयास किया गया, क्षेत्र के लोगों ने उसका कड़ा विरोध किया। कई बार ऐसा भी हुआ, जब मंदिर हटाने के लिए जेसीबी आगे बढ़ाते ही उनमें खराबी आ गई। हर अमावस्या और अन्य धार्मिक अवसरों पर मंदिर परिसर में लगने वाले मेले में हजारों श्रद्धालु जुटते हैं। मंदिर के महंत और पुजारी भी मंदिर को हाईवे से विस्थापित कर उसे अन्य किसी स्थान पर पुनर्निर्मित कराने की योजना का कड़ा विरोध कर चुके हैं। इसके बावजूद राष्ट्रीय महत्व की फोरलेन परियोजना पूरी कराने को प्रशासनिक अधिकारी कई माह से मंथन करने में जुटे थे कि किस तरह मंदिर को उसके मूल स्वरूप में वर्तमान स्थान से हटाया जाए। आस्था का सम्मान करने की गरज से किसी भवन के विस्थापन की नई तकनीक पर अमल करने का निर्णय किया गया। माना जा रहा है कि मंदिर विस्थापित होने के बाद और भव्य होगा। यहां लगने वाले मेले के मद्देनजर पार्किंग आदि की सुविधा भी रहेगी।
वीसी में निर्देश लेकर मौके पर पहुंचे अधिकारी
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार बीते दिन मंदिर विस्थापन को भारत सरकार के एक अधिकारी ने प्रशासन समेत एनएचएआई और उस कंपनी के अभियंताओं को वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से निर्देश दिए। एसपी एस. आनंद, एडीएम प्रशासन रामसेवक द्विवेदी, एसपी ग्रामीण संजीव वाजपेयी, एनएचएआई आदि के कई अधिकारी बृहस्पतिवार को कछियानी खेड़ा पहुंचे। अधिकारियों ने मुआयना कर मंदिर में स्थापित हनुमान प्रतिमा को नमन कर सारा कार्य बगैर किसी विघ्न के पूर्ण कराने की प्रार्थना की।
सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल बनेगा मंदिर
अपने मूलस्वरूप में नए स्थान पर स्थापित होकर कछियानी खेड़ा का हनुमान मंदिर शहीदों की नगरी में सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल बनकर उभरेगा। दरअसल, मंदिर परिसर वर्तमान स्थान से हटाकर जहां स्थापित करने की योजना बनाई गई है, वह खेत मुस्लिम समुदाय के एक व्यक्ति का है। अधिकारियों के अनुसार खेत मालिक से वार्ता कर ली गई है और वह जमीन देने को सहमत हैं, जिसका उन्हें उचित मुआवजा भी दिया जाएगा।
मंदिर हटाने के विरोध में जारी रखा अनशन
मंदिर के बाहर अनशन पर बैठे श्रीरामकृष्ण संघ के मंडल अध्यक्ष विशाल सिंह ने कहा है कि उनका मंदिर हटाने का विरोध जारी रहेगा। वहीं अयोध्या स्थित हनुमानगढ़ी से आए संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष भूपेंद्र प्रताप रघुवंशी ने अधिकारियों के बीच कहा कि वह हनुमान बाबा के साथ हैं और उन्हें किसी भी दशा में वर्तमान स्थल से नहीं जाने देंगे। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर साधु संत समाज भी यहां एकत्र होगा।
अभी मंदिर हाईवे की भूमि पर है, जिसे आगे सिक्स लेन किया जाना है। इसलिए मंदिर को हटाना आवश्यक है, लेकिन लोगों की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए उसे ऐसी तकनीक से पीछे हटाया जाएगा कि उसके मूल स्वरूप में जरा-भी बदलाव न होने पाए। मूर्ति समेत मंदिर परिसर और ब्रह्मदेव बाबा के वृक्ष के नीचे मशीनें लगाकर उन्हें धीरे-धीरे पीछे ले जाया जाएगा। इस कार्य में लगभग दो माह का समय लगेगा। -रामसेवक द्विवेदी, एडीएम प्रशासन
लखनऊ-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग अभी फोरलेन बन रहा है, लेकिन उसे भविष्य में सिक्स लेन किए जाने का प्रस्ताव है। इसीलिए योजना के तहत मंदिर को पीछे की ओर ले जाया जाएगा। हाईवे की एक लेन की चौड़ाई 3.57 मीटर होती है और इसी हिसाब से सिक्स लेन की चौड़ाई का चयन किया गया है। मंदिर उसकी सीमा से बाहर पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। - नरेंद्र कुमार, प्रबंधक, एनएचएआई