एनआरएचएम घोटाले में सीबीआई जांच के बाद कारावास भोग चुके पूर्व मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा ने बसपा के खिलाफ ताल ठोंक दी है। कांट कसबे के संगम मैरिज लॉन में बुधवार को आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन में उनका गम और गुस्सा खुलकर जाहिर हुआ। इसीलिए अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में उन्होंने बसपा को निशाने पर रखते हुए सूबे की 402 सीटों से नवगठित जन अधिकार मंच के उम्मीदवार खड़े करने का ऐलान किया।
बता दें कि एनआरएचएम घोटाले की सीबीआई जांच में दोषी पाए जाने पर कुशवाहा को जेल भेज दिया गया था। इसी आधार पर बसपा सुप्रीमों मायावती ने उन्हें मंत्री पद से बर्खास्त करके पार्टी से बाहर कर दिया, लेकिन सम्मेलन में मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष बाबू सिंह ने कहा कि यह तो सिर्फ एक बहाना था। उन्होंने कहा कि सविता समाज के राष्ट्रीय महामंत्री के नाते अन्य पिछड़ा वर्ग को तीन हजार से ज्यादा नौकरियां देने से मायावती नाराज थीं।
उन्होंने कहा कि उनके प्रयासों को बसपा नेतृत्व ने पिछड़ा वर्ग पर प्रभुत्व जमाने की कोशिश मानते हुए उन्हें पार्टी से निकाल दिया, लेकिन अब इसी पिछड़े वर्ग को गोलबंद करके बसपा से अपने अपमान का बदला लेंगे। प्रदेशा सचिव राजेंद्र पाल ने कहा कि कार्यकर्ता जिले की सभी छह विधानसभा सीटों पर प्रत्याशी उतारने लायक संगठन तैयार करें क्योंकि चुनाव सक्रिय कार्यकर्ताओं के बल पर लड़ा जाना है।
जिलाध्यक्ष हरिनाम सिंह कुशवाहा ने राष्ट्रीय अध्यक्ष कुशवाहा को आश्वस्त किया कि दो माह में बूथ स्तर पर पहुंच बनाने का प्रयास होगा। इससे पूर्व, मिश्रीपुर में युवा प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष शिवांशु मौर्य के नेतृत्व में अमरेंद्र कुमार, सनी मौर्य, पप्पू कश्यप, राजेश कुमार, सुधांशु कश्यप आदि ने राष्ट्रीय अध्यक्ष और साथ आए अन्य पदाधिकारियों का स्वागत किया। स्वागत और सम्मेलन में राहुल कुशवाहा, अनिल मौर्य, इरफान, नेत्रपाल कुशवाहा, रामसनेही, मूलशरण निषाद आदि मौजूद रहे।