शाहजहांपुर। विधानसभा चुनाव के दौरान असम के मुख्यमंत्री की लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे पर टिप्पणी किए जाने के विरोध में कांग्रेसी भड़क उठे। शुक्रवार को असम के मुख्यमंत्री का पुतला दहन करने के दौरान कांग्रेसियों की पुलिस से झड़प हो गई। करीब दस मिनट तक चली खींचतान के बाद पुतला टुकड़े-टुकड़े हो गया। पुलिस की सख्ती के कारण कांग्रेसी पुतला फूंक नहीं पाए।
कांग्रेस के पदाधिकारी दिन में दो बजे टाउनहाॅल स्थित कांग्रेस कार्यालय पर एकत्र हुए। उनके आने से पहले सदर इंस्पेक्टर ब्रजेश सिंह पुलिस बल के साथ पहुंच गए। दिन में करीब 2:45 बजे जिलाध्यक्ष रजनीश गुप्ता के नेतृत्व में पदाधिकारी कार्यालय से बाहर निकले और नारेबाजी करने लगे। कांग्रेसियों के आने पर पुलिस सक्रिय हो गई।
पुतला छीनने के लिए आरएसएस कार्यालय को जाने वाले गेट पर सिपाही तैनात कर दिए गए। इस बीच कार्यालय के अंदर से पुतला लाया गया। जिस पर इंस्पेक्टर, पुलिस बल के साथ पुतला छीनने का प्रयास करने लगे। इस दौरान जमकर नोकझोंक हुई। छीना-झपटी में पुतला पूरी तरह से टूट गया।
इस बीच महिला पदाधिकारी भी पहुंच गईं। उन्हें पुरुष सिपाही ने रोकने का प्रयास किया। इसे लेकर कांग्रेसी सिपाही पर भड़क गए। यहां किसी तरह मामले को शांत किया गया। हालांकि, पुलिस की सक्रियता के चलते पुतला दहन नहीं हो सका।
जिलाध्यक्ष ने कहा कि लोकतंत्र में अब अपना विरोध भी नहीं दर्ज करवा सकते। ऐसी क्या मजबूरी थी जो इतनी संख्या में पुलिस को कार्यालय घेरना पड़ा। ऐसी तानाशाही पहले कभी नहीं देखी गई। विपक्ष की आवाज को दबाया जा रहा है। महानगर अध्यक्ष तकवीम हसन खान ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के खिलाफ बयान अपमान है।
इस मौके पर पीसीसी सदस्य कृष्ण विनोद मिश्रा, तनवीर सफदर,अनस इकबाल, पवन सिंह, रामजी अवस्थी, नूरे सहर बी, रानी पांडेय, पार्षद तालिब खान, शान मोहम्मद, वकार आलम, प्रवीण त्रिपाठी, सईद अंसारी, रफी उल हसन आदि मौजूद रहे।
शाहजहांपुर में कांग्रेस की महिला कार्यकर्ता से पुतला छीनती पुलिस। संवाद