शाहजहांपुर। खन्नौत नदी के किनारे सिर्फ लोधीपुर ही नहीं, बल्कि आगे बंका घाट से लेकर बिसरात घाट तक सैकड़ों बीघा नदी की जमीन पर भू माफिया किस्म के लोग अवैध कब्जे कर वहां मकान, दुकानें और बारात घर बनाने में जुटे हैं। एक दशक पहले तक बंका घाट पर एलपीजी गैस का सिर्फ एक गोदाम होता था, लेकिन प्रशासन की अनदेखी से अब वसीम अस्पताल से लेकर बंका घाट होते हुए बिसरात घाट तक नदी के किनारे की जमीन तमाम लोगों ने सुनियोजित तरीके से पाटकर वहां पक्के निर्माण करा लिए और यह सिलसिला अभी तक जारी है। नदी की जमीनें हड़पने वालों पर कार्रवाई के लिए प्रशासन खुद आगे आने के बजाय जन सामान्य से शिकायतें मिलने का इंतजार कर रहा है।
गर्रा और खन्नौत नदी के बीच स्थित महानगर के अंदर ऐसे भूखंड नहीं बचे हैं, जहां नई कालोनियों की कौन कहे, मकान नहीं बनाए जा सकते। यहां के मूल बाशिंदे शहर की जमीन छोडना नहीं चाहते, लेकिन यह भी नहीं चाहते कि नदी पार के बाहरी इलाकों मेें मकान बनाए। ऐसे लोगों की निगाहें नदियों के किनारे शहरी आबादी की ओर खाली पड़ी जमीनों पर गड़ी हैं, जबकि ऐसे सैकड़ों गाटा नंबरों की जमीनें विनियमित क्षेत्र कार्यालय के रिकार्ड मेें दर्ज शाहजहांपुर महायोजना में बाढग़्रस्त क्षेत्र के तौर पर दर्शायी गई हैं। नदियों के किनारे की जमीनों पर अवैध कब्जों की शुरुआत करीब दो दशक पहले लोधीपुर में सूफी संत बूलनशाह की दरगाह से खन्नौत पुल के बीच हुई थी।
नदियों के किनारे अवैध निर्माण की शिकायतें होने पर यहां समय-समय पर तैनात रहे सिटी मजिस्ट्रेट ने विनियमित क्षेत्र के नियत प्राधिकारी के नाते करीब 250 से अधिक नोटिस जारी किए। यही नहीं, एसपी से लेकर रोजा एसओ और उप निबंधक कार्यालय तक लिखापढ़ी करके कागजी घोड़े भी दौड़ाए, लेकिन यथार्थ के धरातल पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। नोटिस जारी करने के बाद कोई भी पक्का निर्माण नहीं ढहाया। नतीजे मेें इन जमीनों पर लोग अवैध तरीके से मकान बनाकर उन पर काबिज होते रहे।
बंका घाट से बिसरात घाट तक कब्जों की भरमार
बंका घाट से लेकर बिसरात घाट तक खन्नौत नदी के करीब दो किमी लंबे पश्चिमी तट की जमीनों को मिट्टी से पाटकर कई भू माफिया ने कब्जा कर लिया। पहले इस इलाके मेें तत्कालीन नगरपालिका परिषद की ओर से शहर का कूड़ा-कचरा डाला जाता था। इससे कब्जा करने वालों का काम और आसान हो गया। इसी कचरे को मिट्टी से पाटकर तमाम लोगों ने वहां मकानों के साथ दुकानों का निर्माण करा लिया। माफिया ने रोड साइड की कुछ जमीन खरीदने की आड़ में पीछे तक मिट्टी का भराव कराकर नदी के किनारे की जमीन भी अपनी चहारदीवारी में शामिल कर ली। प्रशासन से इसकी कई बार शिकायत भी हुई, लेकिन अधिकारियों ने अपने स्तर से कोई कार्रवाई करने के बजाय कब्जेदारों को शिकायतकर्ताओं से भिड़ाने की कोशिश की तो विरोध की आवाजें उठनी बंद हो गईं।
नदियों के आसपास की जमीनों पर कब्जा करने के मामलों में पहले भी तमाम लोगों को आरबीओ एक्ट के तहत नोटिस जारी किए जा चुके हैं। खन्नौत नदी के किनारे अवैध कब्जों के मामले संज्ञान मेें लाए जाने पर विनियमित क्षेत्र के कर्मचारियों से सर्वे कराया जा रहा है। जांच रिपोर्ट मिले के बाद संबंध्तिों पर ठोस कार्रवाई तय की जाएगी।
-विनीता सिंह, नियत प्राधिकारी (विनियमित क्षेत्र)/सिटी मजिस्ट्रेट