शाहजहांपुर। आशा वर्कर के भुगतान का मामला ठंडा नहीं हो पा रहा है। मंगलवार को आशा वर्कर एक बार फिर जीआईसी खेल मैदान पर जुटीं और पुलिस के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग से मिली सूची से भुगतान का मिलान किया। इसमें मार्च महीने का भुगतान नहीं मिला, साथ ही कई अन्य मदों का भुगतान भी नदारद मिला। आशाओं ने एक बार फिर मंत्री से मिलकर अफसरों के गुमराह करने की शिकायत का निर्णय किया है।
भावलखेड़ा ब्लॉक में आंदोलन में सुनवाई नहीं होने पर आशाओं ने वित्त मंत्री सुरेश खन्ना से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा था। सीडीओ और सीएमओ के सामने हुई वार्ता के बाद आशा वर्करों के मामले के पटाक्षेप के निर्देश दिए गए थे। इस बीच आशा संगठन की ओर से स्वास्थ्य कर्मियों पर अभद्रता करने का आरोप लगाते हुए एसपी को ज्ञापन सौंपा गया।
इसके बाद पुलिस सक्रिय हुई और पांच स्वास्थ्य कर्मियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। कर्मियों ने पुलिस को राज्य बजट समेत दो सूची उपलब्ध कराईं। सोमवार को आशा वर्कर्स को एसपी सिटी की ओर से दोनों सूची उपलब्ध कराकर बैंक खातों से मिलान के लिए कहा गया। मंगलवार को फिर से आशा वर्कर जीआईसी खेल मैदान पर एकत्र हुईं और मिलान किया।
यूनियन की अध्यक्ष कमलजीत कौर ने बताया कि राज्य बजट और रूटीन के भुगतान में मार्च महीने का भुगतान किसी आशा को नहीं मिला है। इसी महीने के बजट को बीसीपीएम ने कुंभ में जाने की बात कही थी। इसके अलावा कुष्ठ, क्षय, फाइलेरिया, आभा आईडी, जेएसवाई आदि के भुगतान की चर्चा भी विभाग नहीं कर रहा है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग गुमराह कर रहा है। इसे लेकर वह एक बार फिर वित्त मंत्री सुरेश खन्ना से मुलाकात कर शिकायत करेंगी।
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संविदा कर्मी की जांच निगोही थाने भेजने का विरोध
आशा संगठन की अध्यक्ष कमलजीत कौर ने बताया कि संविदाकर्मी के धमकाने के मामले की शिकायत एसपी से की थी। मामले की जांच शहर के थाने से कराया जाना चाहिए था, लेकिन यह निगोही थाने भेज दी गई। यह गलत है। इससे जांच प्रभावित हो सकती है। शहर के थाने से जांच कराने की मांग को लेकर एसपी से मुलाकात की जाएगी।
आशाओं के भुगतान का सारा डाटा तैयार किया जा रहा है। मामला डीएम के संज्ञान में है। उन्हें सारी सूचियां उपलब्ध कराईं जाएंगी। पोर्टल में थोड़ी दिक्कत है। समाधान निकाला जा रहा है।
- डॉ.विवेक मिश्रा, सीएमओ