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Shahjahanpur News: आशा वर्कर और स्वास्थ्यकर्मी आए आमने-सामने

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डीएम को ज्ञापन सौंप वार्ता करते स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी। संवाद
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शाहजहांपुर। मानदेय को लेकर उपजे विवाद के बाद आशा वर्कर और स्वास्थ्यकर्मी आमने-सामने आ गए हैं। आशा वर्करों की तहरीर पर पुलिस ने स्वास्थ्य विभाग के पांच कर्मियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। आरोप है कि भावलखेड़ा के एक कर्मचारी के साथ मारपीट की। इसके विरोध में संयुक्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने डीएम-एसपी को ज्ञापन देकर निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने ओपीडी सेवाएं ठप करने की चेतावनी दी है। दूसरी ओर आशाओं ने खिरनीबाग के जीआईसी मैदान पर धरना देकर भुगतान नहीं होने पर आंदोलन की बात कही है।
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कई महीने से भुगतान अटकने की अफसरों के सुनवाई नहीं करने पर शनिवार को आशा वर्करों ने वित्त मंत्री सुरेश खन्ना के निवास राजभवन पर डेरा डाल दिया था। रात में पहुंचे मंत्री ने सीडीओ डॉ. अपराजिता सिंह और सीएमओ डॉ. विवेक कुमार मिश्रा को बुलाकर वार्ता की। आशा वर्कर ने आरोप लगाया कि डीसीपीएम, बीसीपीएम, एमओआईसी, बीएचडब्ल्यू ने जनवरी से अब तक का भुगतान रोक रखा है। भुगतान की जानकारी करने पर अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए नौकरी से निकालने की धमकी दी जाती हैं।
उनकी तहरीर पर एसपी सिटी ने जांच शुरू की। रविवार को सीएमओ कार्यालय से चार स्वास्थ्यकर्मियों को बुलाया गया। आरोप है कि उन्हें पूरे दिन बैठाने के बाद भावलखेड़ा के एक कर्मी के साथ मारपीट की गई। यह जानकारी आने पर सोमवार को स्वास्थ्यकर्मी विरोध जताते हुए कलक्ट्रेट पहुंच गए। डीएम और एसपी को ज्ञापन देकर हिरासत में लेने व पुलिस के मारपीट करने पर नाराजगी जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की। घटनाक्रम पर नाराजगी जताई। दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग की। डीएम-एसपी दोनों ने मामले की निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है।
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अधिकारियों को दिए ज्ञापन में बताया कि पुलिस ने स्वास्थ्य विभाग के पांच कर्मचारियों को उठाया। कोई अनियमितता थी तो उसके लिए कमेटी बनाकर जांच कराई जाए। पुलिस द्वारा कर्मचारियों के साथ मारपीट करना निंदनीय है। कार्रवाई नहीं की गई तो चार नवंबर से स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी कार्य बहिष्कार करेंगे। ज्ञापन देने वालों में डॉ. जफर सैफी, डाॅ. इरफान खान, डाॅ. अमित, डाॅ. समीर, डाॅ. राजीव भारती, डाॅ. नरेंद्र पाल, विजय सिंह, अजीत सिंह, नरेंद्र मिश्रा, जयपाल सिंह, आशीष भदौरिया आदि शामिल रहे।

आशा वर्कर के शिष्टमंडल ने एसपी से की मुलाकात, भुगतान न होने पर आंदोलन की चेतावनी
आशा वर्कर के शिष्टमंडल ने सोमवार को एसपी सिटी से मुलाकात की। आशा वर्कर को पुलिस ने बजट की प्रतियां उपलब्ध कराईं, साथ ही उसका मिलान बैंक के खाताें से करने के लिए कहा। इस बीच आशाओं ने चेतावनी दी कि उनका भुगतान नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा।
खिरनीबाग में धरना में आशा वर्कर यूनियन की अध्यक्ष कमलजीत कौर ने बताया कि पूरे साल के बजट की कॉपी उपलब्ध करा दी गई है। यह एक दिन में जांचना संभव नहीं है। आरोप लगाया कि कई मदों के लिए आए रुपयों को स्वास्थ्य विभाग ने रोक रखा है। बीसीपीएम ने मार्च का भुगतान कुंभ में चले जाने की बात कही थी।
कमलजीत कौर ने बताया कि आशा को प्रत्येक महीने टीम बेस इंसेटिव का एक हजार रुपये मिलता है। आरोप है कि पूरे साल का भुगतान रोक लिया। पूरे साल के भुगतान के 12 हजार रुपये के नाम पर छह हजार रुपये मांगे गए हैं। इसके साक्ष्य भी उनके पास हैं। मार्च, जून, जुलाई, अगस्त, सितंबर और अक्तूबर महीने का वेतन नहीं मिला है।

ब्लॉकवार मांगी सूची, एक सप्ताह में होगा भुगतान : डीएम
डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि आशा वर्करों का भुगतान काफी समय नहीं किए जाने की शिकायत प्राप्त हुई है। उन्हें 74 प्रकार के इंसेन्टिव मिलते हैं। पूरे जिले की आशा की एक-एक शीट बनाई जाएगी। उस शीट में पिछले पांच साल का डाटा मांगा है। सूची प्राप्त होने के एक सप्ताह के अंदर आशा वर्करों का पूरा भुगतान किया जाएगा।

पुलिस पर लगाए गए आरोपों की गहनता से जांच कराई जाएगी। जो भी दोषी होंगे, उन पर कार्रवाई की जाएगी। मामले की जांच एसपी सिटी कर रहे हैं।
- राजेश द्विवेदी, एसपी

पुराने पोर्टल में आशाओं का भुगतान जाता रहा है। अब नया पोर्टल शुरू हो गया है। उसमें थोड़ा विलंब लग रहा है। पुलिस विभाग के कर्मियों को लेकर गई। एक के साथ मारपीट की है।
- डॉ. विवेक मिश्रा, सीएमओ

डीएम को ज्ञापन सौंप वार्ता करते स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी। संवाद

डीएम को ज्ञापन सौंप वार्ता करते स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी। संवाद

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