भावलखेड़ा ब्लॉक के सफ्त्यारा गांव में आशाराम और रावेंद्र ने गलत तरीके से लोहिया आवास हथिया लिए। डीएम पुष्पा सिंह ने बुधवार को गांव के पूर्व माध्यमिक विद्यालय में चौपाल लगाने के बाद विभिन्न योजनाओं का निरीक्षण और सत्यापन किया तो यही तथ्य उजागर हुआ। डीएम ने संबंधित अफसरों पर निगाहें टेढ़ी करने के साथ उन्हें आवास सूची से अपात्रों के नाम निकालने के निर्देश दिए।
सत्यापन से पता चला कि रावेंद्र पुत्र खुशीराम को विभिन्न स्थानों पर तीन मकान होने के बावजूद लोहिया आवास योजना का लाभ भी दिया गया। इसी प्रकार आशाराम और उनके पिता इतवारी लाल के अलग-अलग मकान होने को अनदेखा करके आशाराम को आवास दे दिया गया। डीएम ने डीआरडीए के परियोजना निदेशक अजय प्रकाश को दोनों अपात्र लाभार्थियों के नाम हटाकर वास्तविक गरीबों को शामिल करने और आहरित कराई जा चुकी धनराशि वापस लेने के निर्देश दिए।
इससे पूर्व, चौपाल में विकास कार्यों की समीक्षा करने पर डीएम को बताया गया कि आम आदमी बीमा योजना के तहत 54 पॉलिसियां दी जा चुकी हैं। इसी तरह खाद्य सुरक्षा योजना के तहत 213 पात्र गृहस्थी की सूची में 26 अपात्र पाए गए नाम हटा दिए गए हैं। डीएम ने गांव के प्रत्येक गरीब को विभिन्न योजनाओं का लाभ देने के लिए सरकार हर संभव प्रयास कर रही है। कृषक दुर्घटना बीमा का लाभ पाने के लिए किसानों के नाम जमीन भले ही कम हो, खतौनी में अवश्य दर्ज होनी चाहिए।
डीएम ने चौपाल में 24 शौचालयों के पात्र व्यक्तियों के नाम दर्ज कराते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति बेहद गरीब है और उसका राशन कार्ड नहीं बना है तो अभी अपना नाम नोट कराएं। इस मौके पर उन्होंने हौसला पोषण योजना, ओडीएफ निगरानी समिति, प्रधानमंत्री आवास योजना आदि से संबंधित कार्यों की प्रगति जांची।