शाहजहांपुर। आशा और आंगनबाड़ी वर्कर्स के मानदेय बढ़ाने की सरकार ने घोषणा की है। इससे वर्कर्स में खुशी की लहर दौड़ गई है।
जिले में 2844 आशा वर्कर कार्यरत हैं। इनका कहना है कि आशाओं को केंद्र और सरकार की ओर से चलने वाली सभी योजनाओं में लगाया जाता है। इसके बाद भी मानदेय कम और समय से नहीं दिया जाता। मानदेय के रूप में छह हजार रुपये दिए जाते हैं। जिले में आंगनबाड़ी वर्कर्स की संख्या 2560, जबकि सहायिकाओं की संख्या 1975 है।
आंगनबाड़ी वर्कर्स को छह हजार रुपये मानदेय और सहायिकाओं को चार हजार रुपये मानदेय मिलता है। आंगनबाड़ी वर्कर्स की ड्यूटी बीएलओ से लेकर सभी अभियानों में लगाई जाती है। आंगनबाड़ी वर्कर्स मानदेय बढ़ाने को लेकर अक्सर मांग उठाती रहती हैं। अब सरकार की घोषणा के बाद उम्मीद जागी है।
काफी दिनों से मानदेय बढ़ाने के लिए मांग की जा रही थी। मानदेय बढ़ाने की घोषणा से काफी राहत मिली है। इससे आशा वर्कर के जीवन में सुधार आएगा। परिवार की जरूरत पूरी हो सकेंगी।
- मनीषा मिश्रा, ताहवरगंज
आशा वर्कर को काफी कम मानदेय मिल रहा था। इससे परिवार का गुजारा नहीं हो रहा था। मानदेय बढ़ने से काम भी अच्छी तरीके से होगा और माली हालत में भी सुधार आएगा।
- मीरा देवी, चिनौर
आंगनबाड़ी वर्कर काफी दिनों से मानदेय बढ़ाने के लिए प्रयास कर रहीं थी। आखिर सरकार ने सुन ली। समय से मानदेय बढ़ा दिया जाए, जिससे सरकार की योजनाओं पर सही से काम कर सकें।
- मीना मिश्रा, बझेड़ा भगवानपुर
सरकार ने मानदेय बढ़ाने की घोषणा तो कर दी है। इसको जल्द लागू किया जाए तो भरोसा होगा। आंगनबाड़ी वर्कर को काफी कम मानदेय मिलता है। इसके बढ़ने से जीवनस्तर में सुधार होगा।
- शीला देवी, खेड़ा रठ
मनीषा मिश्रा, आशा वर्कर, ताहवरगंज।
मनीषा मिश्रा, आशा वर्कर, ताहवरगंज।
मनीषा मिश्रा, आशा वर्कर, ताहवरगंज।