अपना दल के कार्यकर्ता श्रमिक हितों की उपेक्षा पर बुधवार को भड़क उठे। उन्होंने कलक्ट्रेट में नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया। बाद में पदाधिकारियों का शिष्टमंडल सिटी मजिस्ट्रेट से मिला और उन्हें मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देकर निजी इकाइयों के श्रमिकों को न्यूनतम 15 हजार रुपये मासिक वेतन दिलाने के साथ अन्य मांगों का निस्तारण जल्द कराने पर जोर दिया।
प्रदर्शन के दौरान अपना दल के जिलाध्यक्ष राजीव पटेल ने कहा कि निजी क्षेत्र की औद्योगिक इकाइयों में काम करने वाले श्रमिकों पर वहां का प्रबंध तंत्र श्रम और उद्योग विभाग के अधिकारियों से साठगांठ करके उनका आर्थिक और शारीरिक उत्पीड़न कर रहा है। ऐसे श्रमिकों को शासन से निर्धारित न्यूनतम मजदूरी का भुगतान कराना तो दूर, उन्हें समय से पगार नहीं दी जाती और विरोध करने पर जानवरों की तरह सुलूक किया जाता है।
ज्ञापन में निजी कारखानों से न्यूनतम मजदूरी व्यवस्था का पालन कराने, श्रमिकों को कर्मचारी राज्य बीमा चिकित्सालय की सुविधाओं का लाभ देने, श्रम कानूनों का पालन कराने के लिए औद्योगिक इकाइयों का निरीक्षण किए जाने, बाल श्रमिकों से काम लेने वाले नियोक्ताओं के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने, असंगठित श्रमिकों के पंजीकरण का अभियान चलाने आदि की मांगें शामिल हैं। प्रदर्शन और शिष्टमंडल में संगठन के बरेली मंडल प्रभारी ओमकार सिंह पटेल, शिवनंदन सागर, अवधेश दीक्षित, रमेश चंद्रा आदि शामिल रहे।