जलालाबाद। बुधवार को तहसील परिसर से एंटी करप्शन की टीम द्वारा पकड़े गए लेखपाल धनवीर यादव के खिलाफ मीरानपुर कटरा थाने में केस दर्ज किया गया। उसके ऊपर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत कार्रवाई की गई है।
भ्रष्टाचार निवारण संगठन बरेली के निरीक्षक इश्तियाक वारसी की ओर से दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा गया है कि 11 सितंबर को जलालाबाद निवासी विषम पाठक ने कार्यालय में उपस्थित होकर शिकायती पत्र दिया था। इसमें बताया था कि गांव चांदपुर पीरू में उसकी कृषि योग्य दो बीघा जमीन गंगा एक्सप्रेस-वे में जा रही थी। जमीन के मुआवजे के लिए रिपोर्ट लगाने को हल्के के लेखपाल ने बीस हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। उसके द्वारा मजबूरी जताने पर लेखपाल इस बात पर तैयार हो गया कि वह रिपोर्ट लगाए दे रहे हैं। मुआवजा मिलने के बाद उसे 20 हजार रुपये दे देना। बताया कि रिपोर्ट लगने के बाद मुआवजा करीब साढ़े नौ लाख रुपये उसके बैंक खाते में आ गया। पीड़ित के अनुसार, रुपये आने के बाद लेखपाल उसे 20 हजार रुपये देने के लिए परेशान करने लगा। धमकी दी कि यदि उसने शीघ्र रुपये न दिए तो वह उनका जमीनी नुकसान कर देगा।
रिपोर्ट के अनुसार, पीड़ित की शिकायत की गोपनीय जांच कराने पर मामला सही पाया गया। बुधवार को निरीक्षक प्रवीण सान्याल, आनंद वर्मा के अलावा इमरान, अवनीत कुमार, प्रमोद कुमार के साथ जलालाबाद पहुंचे। शिकायतकर्ता को पांच-पांच सौ के 20 नोट देकर तहसील भेजा गया। लेखपाल को पकड़ लिया गया। लेखपाल को पकड़ने के बाद टीम के अधिकारी पूछताछ के लिए आरोपी को कटरा थाने ले गए थे।
जमदग्निनगर में रहता था लेखपाल
हरदोई जनपद के थाना शाहाबाद के गांव कुइयां निवासी धनवीर नगर के मोहल्ला जमदग्निनगर में किराए के मकान पर रह रहा था। देर शाम टीम के अधिकारियों ने उस मकान पर पहुंचकर जांच की थी। इस संबंध में एसडीएम रविंद्र कुमार ने बताया कि अधिकारियों की रिपोर्ट आने के बाद आरोपी लेखपाल के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।