तीन दिन से बैंक बंद होने के बाद चौथे दिन खुलने पर कैश नहीं होने की जानकारी मिलने से लोग भड़क गए और उन्होंने बैंक कर्मियों को अंदर बंद करके गेट पर ताला डाल दिया। इसके बाद उपभोक्ताओं ने बैंक के मैनेजर के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। मामले की जानकारी पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझाकर बमुश्किल शांत किया। बता दें कि गत तीन दिनों तक बैंक में छुट्टी रहने के कारण लोग खासे परेशान रहे। मंगलवार को चौथे दिन बैंकें खुलने पर भीड़ उमड़ पड़ी। कसबे के खुटार रोड पर एसबीआई शाखा में लोगों की लंबी लाइन बैंक खुलने से पहले ही लग गई। लगभग साढ़े दस बजे मैनेजर बैंक में पहुंचे और लंबी लाइन देखकर उन्होंने कैश नहीं होने की जानकारी सभी को दे दी। मैनेजर की बात सुनकर लोग भड़क गए और मैनेजर के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। इसके बाद लोगों ने बैंक कर्मियों को अंदर बंद करके गेट पर ताला डाल दिया। जिससे शाखा के मैनेजर बैंक के बाहर ही रह गए। भड़के लोगों ने एक घंटे तक मैनेजर को बाहर ही रोके रखा। मामले की जानकारी पाकर एसओ उदयवीर सिंह मौके पर पहुंचे और उन्होंने लोगों को समझाकर बमुश्किल बैंक गेट का ताला खुलवाकर मैनेजर को अंदर भेजा। इतना हंगामा होने के बाद भी लोगों को बिना भुगतान के ही वापस बैरंग होना पड़ा।
तीन दिन की छुट्टी के बाद बैंकों में उमड़ी भीड़
केंद्र सरकार द्वारा नोट बंदी लागू किए जाने के बाद से छोटे नोटों समेत नई करेंसी के संकट से जूझ रही बैंक शाखाएं तीन दिन बंद रहने के बाद मंगलवार को खुलीं तो खातेदारों की भीड़ उमड़ पड़ी। हालांकि, इनमें जमाकर्ताओं से कई गुना अधिक भुगतान लेने वाले लोग शामिल रहे। रेलवे, रोडवेज, पॉवर कारपोरेशन, टेलीफोन आदि आवश्यक सेवाओं वाले विभागों में दस दिसंबर से पांच सौ और एक हजार के पुराने नोट चलने बंद हो जाने से इन महकमों में तीन दिन के अवकाश के दौरान जमा लाखों रुपये राजस्व जमा होने के लिए बुधवार तक बैंकों में पहुंचने लगेगा और इस धनराशि से भुगतान करना सुगम हो जाएगा। बैंक शाखाओं और एटीएम से मिलने वाले सीमित भुगतान से घर के खर्च चला रहे लोग बैंकों में तीन दिन की छुट्टी से उकता गए थे। जरूरतमंद लोग सुबह से बैंक शाखाओं और उनसे संबंधित एटीएम पर जमा होने लगे। अधिकारियों-कर्मचारियों ने भी सुबह दस बजते ही जमा और कैश काउंटर संभाल लिए। एसबीआई की मेन ब्रांच, बॉब की गोविंदगंज मेन ब्रांच व इलाहाबाद बैंक, सदर बाजार की यूनियन बैंक, दिलावरगंज की पंजाब नेशनल बैंक, मशीनरी मार्केट की स्टेट बैंक ऑफपटियाला में इतनी भीड़ उमड़ी कि बैंक शाखाओं के सामने वाहनों के जमावड़े से रोड पर जाम लगने लगा। अग्रणी बैंक प्रबंधक वीएम गुप्ता के अनुसार सरकारी विभागों से बैंक शाखाओं में दो हजार के नए नोटों समेत पुराने नोटों का राजस्व एक-दो दिन में जमा होने का सिलसिला शुरू हो जाएगा। इसी धनराशि से खातेदारों को भुगतान करना आसान हो जाएगा क्योंकि अभी बैंक शाखाएं पुराने नोटों की कमी से खातेदारों को मांग के अनुरूप भुगतान नहीं कर पा रही हैं।
पगार नहीं मिलने पर भड़क उठे सफाई कर्मी
बड़ौदा क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक की विकास भवन शाखा से मासिक वेतन का पूरा भुगतान नहीं किए जाने पर वहां खाता खुलवाने वाले पंचायत राज विभाग और नगरपालिका परिषद के सफाई कर्मचारी मंगलवार को भड़क उठे। दोपहर तक इंतजार के बाद पूरी पगार के बजाय सिर्फ दो-दो हजार रुपये दिए जाने के विरोध में सफाई कर्मियों ने बैंक प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सफाई कर्मचारियों का नेतृत्व करते हुए कांग्रेस अनुसूचित प्रकोष्ठ के संयोजक दौलतराम ने कहा कि खातेदार सफाई कर्मचारियों का वेतन चालू माह के पहले सप्ताह में उनके खातों में भेजा जा चुका है, लेकिन बैंक अधिकारी सीमित भुगतान कर अगले सप्ताह के लिए टरका रहे हैं। उधर, शाखा प्रबंधक सुरेश चंद्र आर्य के अनुसार कैश की बेहद कमी के कारण अधिकतम लोगों को सीमित भुगतान करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मंगलवार को करीब 400 कर्मचारियों के विड्रॉल स्वीकृत किए और शेष कर्मचारियों को बुधवार तक भुगतान किया जाएगा। प्रदर्शन में ओमप्रकाश, मोनू, सुनील, चंदनन, दिलीप, लालू, राजेश, वीरेश, दिनेश कुमार आदि शामिल रहे।