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बिजली की आवाजाही से गुस्साए किसानों का उपकेंद्र पर जबरदस्त हंगामा, जेई को बंधक बनाया

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निगोही (शाहजहांपुर)। एक तो बारिश नहीं हो रही, ऊपर से बिजली धोखा दे रही है। इस कारण धान की रोपाई नहीं हो पा रही है। बिजली की आवाजाही से गुस्साए किसानों ने बृहस्पतिवार को निगोही बिजली उपकेंद्र पर जमकर हंगामा किया और जेई को करीब एक घंटे तक बंधक बनाए रखा। जेई के बिजली सप्लाई में सुधार के आश्वासन पर किसान माने और ज्ञापन देने के बाद चले गए।
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निगोही उपकेंद्र के जिंदपुरा फीडर से 35 गांव जुड़े हैं। इस इलाके के ग्रामीणों का कहना है कि बिजली आधा-आधा घंटे पर आती जाती है। कई बार बोल्टेज कम आने से ट्यूबवेल नहीं चल पाता। इससे धान की पौध नहीं लग पा रही है। बृहस्पतिवार को पूर्वाह्न करीब 11 बजे भारतीय किसान मजदूर यूनियन के जिलाध्यक्ष देवेंद्र पाल के नेतृत्व में करीब दर्जनभर गांवों के किसान इकट्ठे होकर निगोही उपकेंद्र पहुंचे। वहां बरामदे में करीब एक घंटे तक किसान धरना प्रदर्शन करते रहे। इस बीच कोई अधिकारी उनकी बात सुनने नहीं पहुंचा तो किसानों का गुस्सा भड़क गया। धरने पर बैठे किसानों ने उपकेंद्र के कर्मचारियों को घेरने का ऐलान किया तो भगदड़ मच गई। उपकेंद्र के कर्मचारी खुद को बचाने के लिए निकलकर भाग गए। उस दौरान अवर अभियंता गजेंद्र पाल अपने कार्यालय में मौजूद थे। उन्होंने जाने की कोशिश की तो ग्रामीणों ने घेर लिया और करीब आधा घंटे दफ्तर में बंधक बनाकर रखा। इतने पर भी ग्रामीणों का गुस्सा शांत नहीं हुआ तो जेई को दफ्तर से निकालकर धूप में खड़ा कर दिया। किसान करीब आधा घंटे तक जेई को घेरकर धूप में खड़े रहे और नारेबाजी करते रहे। इस दौरान किसान सवालों की झड़ी लगाए रहे। जेई ने यह कहकर उन्हें शांत करने का प्रयास करते रहे कि इन दिनों बिजली उत्पादन मेें कमी के कारण ऊपर से आपात कटौती हो रही है। उपकेंद्र के यार्ड में दस एमवीए के नए ट्रांसफार्मर की स्थापना का काम होने से मजबूरी मेें लाइनें बंद रखी जा रही हैं। उन्होंने एक सप्ताह में व्यवस्था सुधारकर बिजली सप्लाई सामान्य बनाने का भरोसा दिया। कहीं तब जाकर किसान शांत हुए और ज्ञापन देकर चले गए।
24 घंटे मेें सिर्फ दो घंटे मिल रही बिजली
पावर कारपोरेशन के तिलहर वितरण खंड से संबद्ध निगोही के 33 केवी सब स्टेशन से तालगांव, जिंदपुरा, गांगेपरा, निगोही कसबा और विश्व बैंक नाम से पांच फीडर हैं और उनसे विकास खंड की 79 ग्राम पंचायतों के करीब दो सौ गांवों को बिजली आपूर्ति होती है। विश्व बैंक फीडर से 18 राजकीय नलकूप जुड़े हैं। इन सभी फीडरों की वर्षों पुरानी लाइनें जर्जर होने के कारण आए दिन बिजली आपूर्ति के दौरान ओवरलोडिंग, शार्ट सर्किट आदि समस्याओं से उनके तार टूट जाते हैं या फिर जंपर जलने से ट्रिपिंग होने लगती है। यही नहीं, तेज हवा में ढीले तार उलझने से लो वोल्टेज की समस्या पैदा हो जाती है। ऐसी स्थिति में घरों की लाइटें सिर्फ टिमटिमाती हैं और ट्यूबवेल भी नहीं चल पाते जबकि इन दिनों धान की रोपाई को खेतों में पानी की जरूरत पड़ रही है। इन खामियों के चलते क्षेत्र के लोगों को 24 घंटे में सिर्फ डेढ़-दो घंटे बिजली मिल रही है ओर इसी से कुपित होकर किसानों को रौद्र रूप दिखाना पड़ा।
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जेई को सौंपा पांच सूत्री मांग पत्र
इस मौके पर भाकिमयू जिलाध्यक्ष ने जेई को ज्ञापन के साथ पांच सूत्री मांग पत्र देकर नया ट्रांसफार्मर जल्द चालू करने, शासन के निर्देशानुसार 18 घंटे बिजली सप्लाई देने, सभी फीडरों के जर्जर तार बदलने, सब स्टेशन के आवास में स्थायी निवास बनाने और सीयूजी फोन 24 घंटे ऑन रखने की मांग की। किसानों का कहना था कि एक सप्ताह मेें बिजली सप्लाई नहीं सुधरने पर उग्र आंदोलन होगा। प्रदर्शन में मोहन लाल, नत्थू लाल, आशीष कुमार, कुलदीप सिंह, रामश्री, राजवती, कल्लू आदि तमाम किसान शामिल रहे।
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बिजली कटौती ऊपर से की जा रही है। दस एमबीए का ट्रांसफॉर्म उपकेंद्र पर लगाया जा रहा है। एक सप्ताह में बिजली व्यवस्था ठीक हो जाएगी।
गजेंद्र पाल सिंह, जेई निगोही उपकेंद्र
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