निगोही (शाहजहांपुर)। निगोही में कैमुआ नदी पुल पर बृहस्पतिवार शाम करीब एक घंटे जाम लगा रहा। इस दौरान करीब एक किलोमीटर तक लंबी लाइनें लग गईं। इस दौरान जाम में फंसे वाहनों में बैठी महिलाओं और बच्चों को कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ा। दोपहिया वाहन चालकों को खेतों के रास्ते से गुजरना पड़ा।
भिंड-लिपुलेख हाईवे के शाहजहांपुर- पीलीभीत रोड पर निगोही कस्बा के पास कैमुआ नदी पर अंग्रेजों के जमाने में बना पुल बेहद संकरा है, जिससे तीन या चार पहिया वाहन एक साथ नहीं निकल पाते हैं। पुल पर वन-वे ट्रैफिक ही चल पाता है। जबकि इस रोड से होकर पीलीभीत, टनकपुर, पिथौरागढ़, हल्द्वानी, बरेली, रामपुर, मुरादाबाद, दिल्ली, फर्रुखाबाद, कानपुर, हरदोई, लखनऊ, लखीमपुर खीरी आदि शहरों को आने जाने वाले वाहन गुजरते हैं। पुल पर एक दरोगा और चार सिपाहियों की ड्यूटी लगाने की मांग वर्षों से चली आ रही है, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। इस पुल पर दो होमगार्डों की ड्यूटी लगा दी जाती है, जो ट्रैफिक कंट्रोल नहीं कर पाते, जिससे आए पुल पर जाम लग जाता है।
बृहस्पतिवार शाम करीब चार बजे कैमुआ पुल पर एक ट्रक और गन्ने भरा ट्राला आमने सामने आ गए। इसके बाद दोनों वाहन चालक नीचे उतरकर बहस करने लगे, जिससे पुल पर वाहनों का संचालन बंद हो गया। होमगार्डों ने दोनों वाहनों को रोकने की कोशिश की, लेकिन दोनों गाड़ियों के चालक उनकी बात पर ध्यान देने के बजाय पुल पर चढ़ते चले गए। पुल संचालन बंद होने से कुछ ही देर में वाहनों की लंबी लाइनें लग गईं। इससे टेंपो और मैजिक से उतरकर महिलाओं और बच्चों को कई किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ा। काफी देर इंतजार करने के बाद दूसरे वाहनों के चालक उतरकर नीचे गए और ट्रक व ट्राला चालक को समझाकर अलग किया। इसके बाद चालकों ने खुद वाहनों को आगे कराया। तब कहीं पांच बजे जाम खुल सका। मगर इसके बावजूद देर शाम तक वाहन रेंगकर चलते रहे। खास बात यह कि मेन रोड पर थाना होने के बावजूद निगोही पुलिस मौके पर नहीं पहुंची।
कैमुआ पुल संकरा होने से वहां जाम लगता रहता है। बृहस्पतिवार को थोड़ी देर जाम लगा था। पुल पर ट्रैफिक नियंत्रण के लिए पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगाई जाएगी।
- मनोहर सिंह, प्रभारी निरीक्षक निगोही