जैतीपुर के ग्राम नीम डांडी में आर्य समाज की ओर से आयोजित कार्यक्रम में संबोधित करते आचार्य। स
तिलहर। जैतीपुर क्षेत्र के गांव नीम डांडी में आर्य समाज की शंकरपुर पिटरहाई शाखा की ओर से तीन दिवसीय वेद कथा का कार्यक्रम हुआ। इस अवसर पर आर्य विद्वानों ने वेदों को जीवन का मूलाधार बताते हुए कहा कि वेदों में निहित आदर्श अपनाकर सनातन संस्कृति को सुदृढ़ करने का हम सभी को प्रयास करना चाहिए।
इस अवसर पर आचार्य प्रणव मिश्र ने कहा कि वेद सृष्टि के मूल ग्रंथ हैं और उनमें संपूर्ण विश्व का ज्ञान-विज्ञान समाहित है। इसलिए वेदों के मार्ग पर चलकर ही मानव जीवन का सर्वांगीण कल्याण संभव है। स्वामी जगदीश्वरानंद ने समाज में व्याप्त कुरीतियों पर प्रहार करते हुए लोगों से वेदों के आदर्शों को अपनाने का आह्वान किया।
पंडित चमन देव और पूर्ण प्रकाश आर्य ने पाखंड व अंधविश्वास से दूर रहकर सनातन संस्कृति को सुदृढ़ करने पर बल दिया। कार्यक्रम में बहराइच से आईं गीता पांडेय और अलीगढ़ के आचार्य ऊधम सिंह आर्य ने ईश्वर भक्ति और देशप्रेम से ओतप्रोत भजन प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।
इसी कड़ी में राजवीर देव शास्त्री ने नशा उन्मूलन पर विचार व्यक्त करते हुए समाज को इस दिशा में जागरूक करने का संदेश दिया। कार्यक्रम के आयोजक त्रिदेव आर्य ने सभी का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में हरपाल आर्य, आर्य समाज के प्रधान सुरेंद्र देव, जुगल किशोर, वेद राम आर्य, पोथीराम, कुलदीप आर्य, मोनू सिंह आदि श्रद्धालु शामिल रहे।